Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

अरुणिमा सिन्‍हा से कौन सी दुश्‍मनी थी दैनिक जागरण की?

छोटों की गलती को कोई भी नजरअंदाज कर देता है लेकिन वहीं गलती अगर विश्व के नम्बर एक कहने वाले से हो तो कोई भी नजरअंदाज नही कर सकता है। नया मामला एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा के सम्मान कार्यक्रम का है। विचारणीय है कि अरुणिमा सिन्हा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शाख्सियत बन चुकी है और सुल्तानपुर में ही इनका जन्म भी हुआ है। एक ओर जहां हिन्दुस्तान एवं अमर उजाला से लेकर लगभग पत्रों द्वारा इस जिले के लिए ऐसे विशिष्ट कार्यक्रम का कवरेज किया गया वहीं दैनिक जागरण में इसके बारे में एक शब्द भी नहीं दिखा। इसे आखिर क्या कहा जा सकता है?

छोटों की गलती को कोई भी नजरअंदाज कर देता है लेकिन वहीं गलती अगर विश्व के नम्बर एक कहने वाले से हो तो कोई भी नजरअंदाज नही कर सकता है। नया मामला एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा के सम्मान कार्यक्रम का है। विचारणीय है कि अरुणिमा सिन्हा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शाख्सियत बन चुकी है और सुल्तानपुर में ही इनका जन्म भी हुआ है। एक ओर जहां हिन्दुस्तान एवं अमर उजाला से लेकर लगभग पत्रों द्वारा इस जिले के लिए ऐसे विशिष्ट कार्यक्रम का कवरेज किया गया वहीं दैनिक जागरण में इसके बारे में एक शब्द भी नहीं दिखा। इसे आखिर क्या कहा जा सकता है?

जागरण द्वारा जहां इससे निम्न स्तर के खबरों को तरजीह दिया गया वहीं यह खबर नदारद रही। एवरेस्ट पर भारतीय ध्वज फहराकर देश का मान बढ़ाने वाली अरुणिमा सिन्हा को इंडिया इनसाइड मासिक पत्रिका द्वारा 27 जून गुरुवार को सुल्तानपुर में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया था। इस सम्मान कार्यक्रम में अरुणिमा सिन्हा सहित, मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष डॉ. सुरभि शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव व वरिष्ठ साहित्यकार शिवमूर्ति सहित सम्पादक इंडिया इनसाइड अरुण सिंह भी थे। जिला पंचायत अध्यक्ष ने एवरेस्ट विजेता को नकद धनराशि देकर सम्मानित किया।

साहित्यकार शिवमूर्ति ने कहा कि अरुणिमा जैसी प्रतिभा के लिए निशक्त शब्द नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मुम्बई से आये अतुल अरोड़ा ने अरुणिमा पर एक डाक्यूमेंट्री बनाने की घोषणा की। अरुणिमा ने उत्तराखंड पीडि़तो के लिए पांच लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की। जागरण के अंदरुनी प्रोटोकाल में खबरों के क्या-क्या मानदंड है ये तो जागरण ही जाने लेकिन सुल्तानपुर की बेटी, जिसने एक पैर से एवरेस्ट को जीतकर जहां एक तरफ नया वैश्विक कीर्तिमान बनाया और बाढ़ पीडि़तों को 5 लाख रुपयें भी दिये, वहीं दूसरी तरफ उस बेटी को उसी की माटी के जागरण ने अपने खबरों से मिटा दिया।

जागरण का यह कोई नया मामला नहीं हैं इससे पहले भी जागरण ने अनेकों कारनामें किये हैं और इसे उसका फल भी मिला है। आईटीसी लिमिटेड सिगरेट बनानेवाली देश की प्रमुख कंपनी के कारण आसपास के गांवों में विद्यमान जल -प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से परेशान नया गांव के ग्रामीणों के प्रदर्शन की खबर नहीं छापने पर अक्रोधित ग्रामीणों ने मुंगेर शहर के गुलजार पोखर मोहल्ला स्थित दैनिक जागरण कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया था और इसके पक्षपातपूर्ण रवैया की भर्त्‍सना करते हुए ग्रामीणों ने दैनिक जागरण कार्यालय के समक्ष दैनिक जागरण अखबार की सैकड़ों प्रतियों को सरेआम विरोध स्वरूप जला दिया था और दैनिक जागरण मुर्दाबाद के नारे भी लगाये थे।

पी न्‍यूज के संपादक विकास गुप्‍ता की रिपोर्ट. इनसे 9451135000, 9451135555 पर सम्पर्क किया जा सकता है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...