Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

‘‘कहीं मलबों में दब न जाए उत्तराखण्ड आपदा का सच’’

उत्तराखंड की त्रासदी में कितने लोग गायब हो गए और कितनों की मौत हो गई? दस दिन से ज्यादा का वक्त बीतने के बावजूद यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। मौसम के असहयोग और लचर सरकारी तैयारियों के कारण अभी तक रेस्क्यू ऑपरेशन भी पूरा नहीं हो सका।

उत्तराखंड की त्रासदी में कितने लोग गायब हो गए और कितनों की मौत हो गई? दस दिन से ज्यादा का वक्त बीतने के बावजूद यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। मौसम के असहयोग और लचर सरकारी तैयारियों के कारण अभी तक रेस्क्यू ऑपरेशन भी पूरा नहीं हो सका।

इस बीच, लाशें सड़ने और शवों के पानी में बहकर उत्तर प्रदेश में आने की खबरें भी प्रकाश में आ रही हैं। सरकार जान चुकी है कि अब उसके बूते की बात नहीं कि आपदा के शिकार सभी लोगों को ढूंढ सके और मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार करा सके। ऐसे में सरकारी एजेंसियों की पहली प्राथमिकता है कि मौत और आपदा की भयावहता का सच दबाया जाए।

जिस प्रकार का प्रलय आया है और जिस तरह से उसकी तुलना सुनामी से की जा रही है, इससे लगता है कि लाखों लोग लापता हुए हैं और 20 हजार से ज्यादा लोग इस आपदा में मारे जा चुके हैं। जो बचे हैं वह भूख, प्यास और महामारी से मारे जाएंगे। केन्द्र और उत्तराखण्ड की सरकारें ऐसी आपदा को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रही हैं। थलसेना, अद्र्धसैनिक बलों और वायुसेना ने पूरी ताकत लगा दी है लेकिन नीति नियन्ताओं की रणनीतिक विफलता के कारण जवानों के प्रयास भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं, तिस पर मौसम तो एकदम बेरहम है।

इस बीच सबसे बड़ा डर हुक्मरानों से ही है, जो अपनी सफेद कमीज को दाग से बचाने के लिए उत्तराखंड के हर सच को दबाने की कोशिश करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मैनेजमेंट का खेल शुरू हो चुका है। थोड़ा-बहुत शोर मचाने वाली संस्थाओं को ‘फंडिंग’ के जरिए मैनेज किया जाएगा। ऐसे में डर इस बात का है कि कहीं उत्तराखण्ड आपदा का सच मलबों के नीचे न दब जाए। अगर ऐसा हुआ तो ऐसी आपदाओं की पुनरावृत्ति में व्यापक जनधन की हानि होने से कोई नहीं रोक पाएगा क्योंकि ‘सच’ दब गया तो ऐसी रणनीति भी नहीं बन पाएगी जो हमारा भविष्य सुरक्षित कर सके।

लेखक वेद प्रकाश पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. उनका यह लेख उनके ब्‍लॉग पर भी प्रकाशित हो चुका है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...