जागरण समूह को नईदुनिया बेचने वाले वरिष्ठ पत्रकार और पद्मश्री अभय छजलानी की मेहनत रंग नहीं ला रही। वे लगातार तीन महीने से सुरेंद्र संघवी के स्वामित्व वाले चौथा संसार के एबी रोड स्थित कार्यालय में रोज आठ से 10 घंटे का समय दे रहे हैं। वे चाहते हैं कि संघवी प्रात:कालीन चौथा संसार उनके हवाले कर दें, लेकिन वे टस से मस नहीं हो रहे।
इनकम टैक्स के सामने अरबों रुपए सरेंडर करने के बाद छजलानी को मीडिया की महत्ता समझ आने लगी है, लेकिन उनकी मंशा पर तब प्रहार हुआ, जबकि संघवी ने 1 जुलाई से सांध्य चौथा संसार का प्रकाशन ही बंद कर दिया।





