आदरणी यशवंत जी, सादर प्रणाम। आपसे एक विनम्र निवेदन है, मैं एक प्रतिष्ठित संस्थान में बतौर सब एडिटर कार्यरत हूं। यहां तक तो अपने दम पर पहुंच गया लेकिन अब तरक्की के लिए यहां से दूसरी जगह जाना चाहता हूं। लखनऊ से नवभारत टाइम्स में रिटेन निकाल कर इंटरव्यू तक पहुंचा लेकिन वहां के संपादक सुधीर जी को मेरी उच्च शिक्षा से ना जाने क्या तकलीफ थी कि उन्हें 20 मिनट के इंटरव्यू में मेरी उच्च शिक्षा (एम फिल और नेट) ही अखरती रही। मैनेजमेंट के लोगों को मेरी उच्च शिक्षा से कोई तकलीफ नहीं थी। उन्होंने तो इसकी सराहना ही की। लेकिन सुधीर मिश्रा जी की वजह से मेरा चयन नहीं हो पाया।
यह एक उदारण था कि बिना सिफारिश के कैसे एक पत्रकार को संघर्ष करना पड़ता है। मैं आपसे मदद के साथ-साथ इस बात की भी अपील करना चाहूंगा कि अगर आप कोई मदद कर सकते हैं तो कृपया करें और अगर कोई और कर सकता है तो करे और मैं उसकी कीमत चुकाउंगा। आप इसे घूस कहें या कुछ और लेकिन मैं अपना काम करवाना चाहता हूं किसी भी कीमत पर। सिफारिश नहीं है लेकिन अपनी मेहनत से कमाई हुई मुद्रा तो है। वो मैं अपनी मदद के बदले देना चाहता हूं। और ऐसे हर व्यक्ति के लिए एक मिशाल रखना चाहता हूं जिसके पास सिफारिश नहीं है। वो पैसे के बल पर अपनी जगह बनाएं।
अब मैं बताना चाहूंगा कि नवभारत टाइम्स या हिंदुस्तान या किसी अन्य बड़े संस्थान में नौकरी के लिए 50 हजार तक की घूस देने के लिए मेरे कई मित्र तैयार हैं। इच्छुक संपादक, मैनेजर हमसे [email protected] पर संपर्क करें। आपकी गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। किसी दूसरे की सिफारिश से उन्हें क्या मिलता है। हम लोगों की सिफारिश लगाएं पैसा भी मिलेगा और पूरा सत्कार भी।
आपका प्रिय
इंद्रेश यादव
[email protected]






