वाराणसी : जरायम की दुनिया के गढ़ के रूप में चर्चित पूर्वांचल में एक बार फिर बुधवार की सुबह गोलियों की तडतड़ाहट ने गैंगवार की दस्तक दे दी। निशाने बना माफिया डान का चचेरा भाई सतीश कुमार सिंह। बदमाशों ने सतीश को उस समय गोली का शिकार बनाया जब सतीश चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव के बाहर टहल रहा था। वाराणसी के चौबेपुर थाना परिसर में सतीश का शव लाया गया। शव के पास असहाय खड़े पुलिस वालों को देख कर लोग अंदाजा लगा रहे थे कि वाराणसी में पुलिस पर अपराधी कितने भारी पड़ रहे हैं।
वाराणसी के माफिया डान ब्रजेश सिंह का चचेरा भाई सतीश कुमार सिंह अपने पैत्रिक गांव चौबेपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा में रहता था। सतीश खेतीबाड़ी का काम देखता था। आज सुबह जब अपने गांव के बाजार में चाय की दुकान पर चाय पीने निकले थे, तभी कुछ देर बाद ही दो पल्सर पर चार बाईक सवार बदमाशों ने सतीश को लक्ष्य कर आधुनिक असलहे से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। लगभग एक दर्जन चली गोली में से आधा दर्जन गोली सतीश को लगी। सतीश की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी है।
पहले ब्रजेश के करीबी अजय खलनायक पर जानलेवा हमला हुआ। अब ब्रजेश के चचेरे भाई की हत्या। इससे साबित हो रहा है कि पूर्वांचल में जरायम की दुनिया में एक बार फिर गैंगवार अपना पैर फैला रहा है तथा पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है। शहर के एसएसपी अजय मिश्रा के दावों की पोल भी खुलती नजर आ रही है। हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी के करीबी माने जाने वाले और ब्रजेश के दुश्मन बीकेडी उर्फ़ इन्द्रदेव सिंह का नाम आया है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में एक अज्ञात समेत कुल 4 लोगों बीकेडी उर्फ़ इन्द्रदेव सिंह, सतीश सिंह, विनोद भारद्वाज पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है तथा साजिश करने के आरोप में तीन लोगों मुख्तार अंसारी, सुधीर सिंह तथा अतुल राय पर मामला दर्ज किया है।
सक्रिय हो रहा है मुख्तार गैंग !
वाराणसी । जरायम की दुनिया में ऐसा पहली बार नही हुआ है कि आपसी वर्चस्व की लडाई में अंधाधुंध गोलियाँ चली हैं. इससे पहले भी कई बार हौसला बुलंद अपराधियों ने ऐसे वारदातों को अंजाम दिया है. परन्तु जिस तरह से पूर्वांचल के माफिया डॉन के करीबियों के ऊपर जान लेवा हमले हो रहे हैं इससे तो साफ़ यही माना जा सकता है कि अब विरोधी गुट ब्रजेश गैंग का सफाया करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है. वहीं जब से कौमी एकता दल ने वाराणसी से लोकसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी मुख्तार अंसारी को खड़ा करने का निर्णय लिया है तबसे मुख्तार गैंग का हौसला बुलंद हो चूका है। अब तो मुख्तार गैंग के लोग पूर्वांचल में किसी और गैंग का वर्चस्व नहीं देखना पसंद कर रहे हैं। खुद जोन के आईजी जीएल मीणा का ये कहना है कि इसके पीछे साजिश रचने वाला खुद मुख्तार अंसारी तथा उसके अन्य साथी हैं। चंद हफ़्तों के भीतर ब्रजेश के 2 करीबियों के ऊपर हुए जान लेवा हमले ने इस बात के पुख्ता सबूत भी दे दिए हैं।
विजेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट.





