वाराणसी के जिला मुख्यालय पर सपा के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी की दंबगई से एक परिवार त्रस्त है. पुलिस प्रशासन के लोग 'सत्ता तुम्हारी तो हम भी तुम्हारे' की धुन गा रहे हैं. जिला मुख्यालय पर महीने भर से धरना दे रहे मंजूर अहमद का परिवार इस बात का नजीर है कि पूर्व सपा विधायक समद अंसारी के मामले में बनारस के पुलिस प्रशासन ने अदालत के आदेश को तार-तार करते हुए पूर्व विधायक को मकान पर जबरन कब्जा दिलाया. कोर्ट ने इस मामले में स्टे दे रखा है और अगली सुनवाई आगामी 16 अगस्त को होनी है. प्रथम अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन ने यथास्थिति को बनाए रखने के साथ ही किसी भी तरह के हस्तक्षेप न किए जाने की बात कही है. पर विधायक, पुलिस, प्रशासन ने कुछ भी नहीं माना.
बीते 4 जून को सपा के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी ने नहरपुरा स्थित मंजूर अहमद के घर पर प्रशासन को साथ लेकर जबरन कब्जा कर लिया था. मंजूर अहमद का कहना था कि कब्जा दिलाने आए प्रशासन से जब उन्होंने निषेधाज्ञा जारी रहने की बात कही तो मौके पर मौजूद प्रशासन के अफसरान ने कहा था कि वो खुद आदेश हैं और उनके आगे कोई भी आदेश मायने नहीं रखता. जिला मुख्यालय पर चल रहे धरना के स्थल पर बातचीत के दौरान पीड़ित मंजूर अहमद कहते हैं कि अब तो पूर्व विधायक का झूठ और हमारा सच सामने आ गया है, अब प्रशासन क्या कहेगी? प्रशासन पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में प्रशासन सत्ता के दबाव में इस कदर खामोश हो गया है कि उसने हमारे पक्ष को सुनना तक गंवारा नहीं किया.
दो महिलाओं के आमरण अनशन पर बैठे 20 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन के किसी आला अधिकारी ने उस ओर रुख करने की जरूरत नहीं समझी. पूर्व सपा विधायक समद अंसारी द्वारा प्रशासन को साथ लेकर जबरन कब्जा किए जाने के विरोध में पीड़ित परिवार के सदस्य विगत 5 जून से जिला मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं. लेकिन आज तक प्रशासन ने इनके पक्ष को सुनना भी जरूरी नहीं समझा. अंततः धरने के 28वें दिन प्रशासन के रवैये से दुखी पीड़ित परिवार की महिला सुल्ताना और लाडो आमरण अनशन पर बैठी. सुल्ताना और लाडो का कहना है कि अब तो हम इंसाफ ले कर के ही उठेंगे भले हमारी जान ही क्यों न चली जाए.
वाराणसी से भाष्कर गुहा नियोगी की रिपोर्ट. संपर्क- 09415354828





