टैम वाले टामियों पर आफत के दिन आ गए हैं. बहुत दिनों से टीवी इंडस्ट्री को अपनी उंगली पर नचाने वाले टैम मीडिया रिसर्च के खिलाफ लगातार खबरें आ रही हैं. ताजी सूचना के मुताबिक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने टैम के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. प्रसार भारती ने टैम पर आरोप लगाया है कि वह अपनी प्रभावी स्थिति का दुरुपयोग करके प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 4 का उल्लंघन कर रहा है.
दूरदर्शन ने भी टैम की शिकायत की थी जिसमें कहा गया कि टैम भेदभावपूर्ण मूल्यांकन कर रहा है. इन्हीं शिकायतों का भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने संज्ञान लिया है. एक चैनल ने सितंबर 2012 में टैम के एकाधिकार प्रवृत्ति और डाटा गलत पेश करने की बात कहते हुए याचिका दायर की थी. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मई 2013 में टैम मीडिया रिसर्च को दो महीने के अंदर में एक जांच रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था. प्रसार भारती के आरोप को देखते हुए, सीसीआई ने कई शेयरधारकों को अपने कमेंट्स और अन्य संबंधित सूचना देने के लिए नोटिस जारी किया है.
सीसीआई ने चैनलों को भेजे अपने नोटिस में पूछा है कि क्या वे टैम मीडिया रिसर्च के द्वारा किसी भी ऐसे व्यवहार का शिकार हुए हैं जिसमें प्रतोयिगियों के साथ आपके प्रतियोगिता पर इसका असर पड़ा हो. साथ ही यह भी पूछा है कि क्या टैम ने अपनी स्थिति का उपयोग करके लाभ उठाया है या रिसर्च संगठन ने अपनी सेवा देने के लिए किसी तरह का कोई प्रतिबंध लगाया है, जिससे कि प्रतियोगियों के साथ आपके मार्केट पर असर पड़ा हो.
इस बीच एबीपी न्यूज ने भी टैम का सब्सक्रिप्शन बंद कर दिया है. कई चैनल पहले ही टैम को अनसब्सक्राइव कर चुके हैं. उधर, विज्ञापन बिरादरी का विश्वास टैम रेटिंग पर बना हुआ है. चर्चा है कि टैम अब मासिक लेवल पर आंकड़ों को जारी करेगा जो रेटिंग के बजाए पहुंच को दिखायेगा. संभावना जताई जा रही है कि टैम अब वीकली डाटा नहीं देगा.





