Mayank Saxena : कल इंडिया टीवी पर उत्तराखंड त्रासदी पर एक विशेष कार्यक्रम देख रहा था…इंडिया टीवी ने इस बार यक़ीनन अच्छा काम किया है…लेकिन तभी एक पैकेज के बीच में अचानक देखा कि एक विधवा के चेहरे के आगे मंगलसूत्र लटका कर…उस में से उसका फ्रेम बनाया गया…एक त्रासदी पर इस कदर बॉलीवुडिया फिल्मांकन कितना अश्लील होता है…
काश वो संवाददाता और कैमरापर्सन समझ पाते…काश समझ पाते वीडियो एडिटर और प्रोड्यूसर…और काश सम्पादक जी समझ पाते…बेहद नाटकीय…अश्लील….असंवेदनशील और घटिया…सारे किए कराए पर इस एक शॉट ने पानी फेर दिया…स्टोरी का स्लग था…'मंगेतर के आखिरी शब्द…'
समाचार प्लस न्यूज चैनल में कार्यरत पत्रकार मयंक सक्सेना के फेसबुक वॉल से.





