इलाहाबाद। खाकी को एक बार फिर से शर्मसार होना पड़ा है। यमुनापार के मांडा थाना क्षेत्र के भारतगंज टाउन एरिया में चेयरपर्सन के घर काम करने वाली सोलह साल की लड़की ने 22 जून को एसीजेएम कोर्ट में बयान देकर बहशी दरोगा के चंगुल से बचाने की गुहार लगाई है। लड़की के कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद बवंडर मच गया है। पुलिस महकमा सन्न है।
मजे की बात तो यह है कि जिस थानेदार पर आरोप है उसी को मामले की जांच भी सौंप दी गई है। लड़की ने मांडा के थानेदार पर कई और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि थानेदार उस पर झूठा बयान देने के लिए बराबर दबाव डाल रहा था। थानेदार चाहता था कि लड़की अपने बाप पर दुराचार का इल्जाम लगाए। कोर्ट में दर्ज कराए गए लड़की के बयान की प्रतिलिपि दो दिन पहले इलाके में बांटी गई।
मांडा क्षेत्र के भारतगंज टाउन एरिया में रेहाना ;पहचान छिपाने के लिए बदला नामद्ध कई बार छली गई। इसकी कहानी लव, सेक्स और धोखा के इर्द-गिर्द घूमती रही। पहले प्रेमी ने छला फिर समाज के ‘भाग्य विधाताओं’ ने भी उसे छलने में कोई कोर कसर न छोड़ी। उसे अब न्याय की दरकार है। रेहाना का दुर्भाग्य उस समय शुरू हुआ जब वह 27 मई को अचानक लापता हो गई। रेहाना के पिता की दरख्वास्त पर पुलिस ने अर्जुन सोनकर नामक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज उसे जेल भेज दिया। इस बीच रेहाना नहीं मिली। करीब बारह दिनों के बाद पुलिस ने लापता लड़की को मिर्जापुर में एक घर से बरामद किया। रेहाना को मेडिकल टेस्ट के बाद कोर्ट के आदेश पर नारी निकेतन भेजा गया। 22 जून को रेहाना का कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया। बयान में रेहाना ने कहा है कि वह भारतगंज टाउन एरिया के चेयरपर्सन के घर नौकरानी थी। वहां मांडा के थानेदार का आना जाना होता था। पीड़ित रेहाना की मानें तो थानेदार एसएन तिवारी जब भी घर आते उनकी नीयत गंदी हो जाती। 25 मई को चेयरपर्सन ने रेहाना पर दबाव डाला कि वो थानेदार के साथ एक दो रातें बिताए। इनकार करने पर उसे काम से हटा दिया गया।
दरअसल, रेहाना अपने प्रेमी अर्जुन सोनकर के साथ जिंदगी बिताना चाहती थी। प्रेमी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाए। बाद में उसने धोखा दे दिया। भटकने के दौरान उसे मिर्जापुर के चेतगंज मोहल्ले की एक महिला ने सहारा दिया। इसी बीच मांडा पुलिस को पता चला तो 12 जून को रात करीब दो बजे रेहाना को मिर्जापुर से बरामद कर लिया। रेहाना ने कोर्ट से गुहार लगाया है कि वह अपने पिता के साथ रहना चाहती है। थानेदार के चंगुल से उसे बचाया जाए। उधर, एसएसपी मोहित अग्रवाल का कहना है कि अगर पीड़ित लड़की ने मांडा के थानेदार और चेयरपर्सन के खिलाफ ऐसा कहा है तो उसकी जांच कर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। चेयरपर्सन ने इसे विरोधियों की साजिश का हिस्सा बताया है। बहरहाल, सुरक्षा की जिम्मेदारी जिसे सौंपी गई है वही पुलिस एक बार फिर शक के घेरे में है।
पहले भी दागदार हुई है खाकी..
1-इलाहाबाद मंडल के प्रतापगढ़ जिले में एक महिला युवक की शिकायत करने पुलिस लाइन स्थित महिला थाने पहुंची तो वहां तैनात एक सिपाही ने रेप किया। एएसपी के निर्देश पर सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
2-प्रतापगढ़ के अमरजीत सिंह पर कानपुर में सीओ सिटी रहने के दौरान 2012 में एक छात्रा से रेप करने की रिपोर्ट दर्ज हुई। डीएसपी शाही को निलंबित कर जेल भेजा गया।
3-प्रतापगढ़ के ही लालगंज की एक विधवा ने महेशगंज एसओ पर छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई।
4-जेठवारा थाने के एसआई मनोज राय पर दुराचार का मामला। जांच में मामला सही पाए जाने पर जेल भेजे गए।
5-लालगंज कोतवाली में तैनात एक सिपाही एक युवती को लेकर फरार हो गया। कई महीने बाद सिपाही गिरफ्तार हुआ।
इलाहाबाद से शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट






