लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने मंत्रियों, सांसदों, अफसरों और न्यायधीशों से सरकारी आवास खाली करने की मियाद भले ही तय कर दी हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में तमाम ऐसे अफसर, नेता और पत्रकार हैं जो वर्षों से अवैध रूप से सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए हुए हैं। देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर (दिवंगत) के नाम पर और लखनऊ से सांसद लालजी टण्डन तक अवैध रूप से सरकारी आवास कब्जा कर रखा है। राज्य सम्पत्ति विभाग की सरकारी कालोनियों के हजारों आवास नेता, अफसर और पत्रकारों के अवैध कब्जे में है। यह खुलासा सूचना अधिकार के तहत मिली सूचनाओं से हुआ है। इस मुद्दे पर राज्य सम्पत्ति विभाग के आला अफसरों ने चुप्पी साध ली है।
आरटीआई एक्टिविस्ट महेन्द्र शुक्ल द्वारा मांगी गई राज्य सम्पत्ति विभाग मिली सूचनाओं से चौंकानें वाली सूचनाएं सामने आई हैं। राज्य सम्पत्ति विभाग से मिली सूचना के मुताबिक देश के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत चंद्रशेखर के नाम पर अभी भी लाप्लास में 301-302 नम्बर आवास आवंटित है। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री का देहावसान (8 जुलाई 2007) हुए छह साल बीत गए हैं। इसके बावजूद लाप्लास में नम्बर 301-302 अब भी उनके नाम पर आवंटित हैं। नैतिकता की दुहाई देने वाली भाजपा लखनऊ से सांसद लालजी टण्डन भी सरकारी आवास पर कब्जा करने में पीछे नहीं हैं। बगैर आवंटन के दारूलशफा के बंगला नम्बर नौ पर अवैध कब्जा कर रखा है।
दारूलशफा के बंगला नम्बर सात पर विधान परिषद सदस्य दयाराम प्रजापति ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। आवंटन निरस्त किए जाने के फैसले को लेकर दयाराम प्रजापति ने कोर्ट में मुकदमा दायर कर रखा है। लाप्लास के आवास संख्या 101 पर विधायक शाहिद मंजूर, 202 पर विधायक राजेश यादव, 602 पर विधायक धर्मपाल सिंह बगैर आवंटन के सरकारी आवास पर कब्जा कर रखा है। विधायक राजेश अग्रवाल बगैर आवंटन के गुलिस्तां कालोनी का आवास संख्या 53 पर अवैध कब्जा है। पूर्व विधायक कमलेश पाठक ने 12/3 डालीबाग कालोनी पर काबिज हैं। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के राज्यमंत्री जुफर अहमद फारूखी गोमती नगर कालोनी का आवास संख्या 30 टीवाई 6 पर अवैध कब्जा है।
अफसरों में पीपीएस राजीव मेहरोत्रा ने 24 जुलाई 2011 से बटलर पैलेस के आवास संख्या 1/2 पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। आईएएस अजय कुमार सिंह का तबादला 5 मई 2012 को हो गया था। लेकिन इसके बावजूद बटलर पैलेस के टाइप फाइव में चार नम्बर आवास पर अब भी अवैध कब्जा कर रखा है। बटलर पैलेस के डी 13 डा. ए.के. वर्मा का तबादला 2 सितम्बर 2012 को गया था। लेकिन अवैध कब्जा आज भी बरकरार है। श्याम सिंह यादव का 13 अप्रैल 2012 को हुआ था, बटलर पैलेस कालोनी मोह त्याग नहीं पा रहे हैं, आज भी 7 टाइप 4 पर अवैध रूप से काबिज हैं।
आर.एन. सिंह यादव का भी तबादला हो गया है, लेकिन बटलर पैलेस कालोनी के बी-22 पर कब्जा नहीं छोड़ा है। पूर्व आईएएस बी.बी. सिंह 31 दिसम्बर 2012 को रिटायर हो गए थे। लेकिन अभी तक बटलर पैलेस का आवास संख्या सी 65 पर अवैध कब्जा कर रखा है। पीपीएस पीयूष श्रीवास्तव का तबादला के बाद राज्य सम्पत्ति विभाग ने निराला नगर सी-4 आवास के आवंटन निरस्त कर दिया था। आवास बचाने के लिए पीयूष ने कोर्ट में वाद दाखिल कर रखा है। आईएएस डा. हरिओम का 13 अप्रैल 2012 को तबादला हो गया था। लेकिन गुलिस्तां कालोनी का आवास संख्या 21 पर अब भी अवैध रूप से कब्जा है।
आईपीएस डा. जी.के. गोस्वामी केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर 16 फरवरी 2012 को चले गए थे। इसके बावजूद दिलकुशा कालोनी का आवास संख्या ए-6 पर अवैध रूप से कब्जा है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुल्तानपुर संदीप शुक्ला का तबादला 24 मई 2012 को हुआ था, लेकिन आज भी ओसीआर बिल्डिंग के आवास संख्या 1401 पर काबिज हैं। 19 नवम्बर 2011 को नागरिक उड्डïयन विभाग के वरिष्ठï प्रशासनिक अधिकारी नुजहत अली के डायमण्ड डेरी कालोनी के आवास संख्या ईडी 25 के आंवटन को निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद नुजहत अली अवैध रूप से काबिज हैं। सहायक अभियंता बरेली विनोद कुमार सिंह का तबादला 30 अगस्त 2012 को हो गया था। लेकिन गोमती नगर की सरकारी कालोनी के आवास संख्या डी 215 पर आज भी अवैध रूप से कब्जा है।
अपर जिला अधिकारी बदायूं संजय कुमार सिंह का तबादला 5 मई 2012 को हुआ था। लेकिन राजभवन कालोनी का आवास संख्या 5 पर अब भी अवैध कब्जा बरकरार है। डा. वी.के. मिश्रा 4/9 डालीबाग, राजन लाल श्रीवास्तव अलीगंज की 9/6 पर अवैध कब्जा है। प्रदेश के पूर्व प्रमुख सचिव न्याय जेड.ए. खान 31 अगस्त 2012 को रिटायर हो गए थे। लेकिन राजभवन के आवास संख्या 6 पर आज भी अवैध कब्जा बरकरार है। मालूम हो कि इस आवास में पूर्व कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह (दिवंगत) रहते थे। सरकारी वकील दिलीप कुमार गौतम, तेज सिंह, सुभाष चंद्र मिश्रा, जगन प्रसाद गर्ग, मनीष कुमार सिंह, आर.पी. शुक्ला का पद समाप्त हो गया था। इसके बावजूद अभी तक सरकारी आवास पर कब्जा कर रखा है।
आईपीएस सैयद वसीम अहमद ने गुलिस्तां कालोनी के आवास संख्या 49 पर अवैध कब्जा कर रखा है। अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी का भले ही अब अस्तित्व न बचा हो लेकिन इसके नाम पर पर साइथ रोड दारूलसफा में आवंटित कार्यालय आवास संख्या 5 पर आज भी अवैध कब्जा है। जबकि राज्य सम्पत्ति विभाग ने अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी कार्यालय का आवंटन 21 दिसम्बर 2012 को निरस्त कर दिया था। पुष्पांजलि संस्थान का आवंटन 18 मई 2008 को निरस्त हो गया था। लेकिन संस्थान का लालबाग कालोनी के आवास संख्या बी. 102 पर आज भी अवैध कब्जा है।
राज्य सम्पत्ति विभाग के सूत्रों का कहना है कि अगर सरकारी आवासों की सही तरह से समीक्षा हो जाए तो यह तथ्य सामने आएंगे कि राज्य सम्पत्ति विभाग को यह जानकारी ही नहीं है कि उसके कितने सरकारी आवासों पर अवैध कब्जा है। एक अनुमान के अनुसार सरकारी आवासों पर अवैध कब्जेदारों की संख्या हजारों में है। राज्य सम्पत्ति अधिकारी राजकिशोर यादव ने कहा कि सरकारी आवासों पर अवैध रूप से काबिज लोगों को हटाने के कार्रवाई चल रही है। इसके आगे कुछ भी नहीं कहना है।
यूपी के लिए गले की हड्डी बनेगा सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी बंगलों पर अवैध कब्जों को लेकर चिंता जताते हुए अफसरों और नेताओं को बाहर निकालने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। अफसरों की पेंशन रोकने और सांसदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति से शिकायत करने का सुझाव देने के साथ जजों से भी रिटायरमेंट के बाद एक महीने में बंगला खाली करने को कहा है। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि भविष्य में आवासीय सरकारी बंगलों में स्मारक नहीं बनेंगे। शुक्रवार को ये फैसला न्यायमूर्ति पी. सतशिवम व न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने सरकारी बंगलों पर अवैध कब्जे के मामले में लंबित जनहित याचिका का निपटारा करते हुए सुनाया है। पीठ ने अवैध कब्जेदारों को बाहर निकालने के लिए 20 दिशा-निर्देश जारी किए।
नवीनीकरण का इंतजार
राज्य सम्पत्ति विभाग पत्रकारों के लिए एक साल के लिए सरकारी आवास आवंटित करता है। राज्य सम्पत्ति विभाग की इस नीति के चलते पत्रकारों को अपने आवास का नवीनीकरण कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। तमाम पत्रकार अपने सरकारी आवास के आवंटन के नवीनीकरण के लिए राज्य सम्पत्ति विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इनमें पंकज झा, राजेश कुमार सिंह, विवेक तिवारी, संजय श्रीवास्तव, अविनाश चंद्र मिश्र, अजीत कुमार खरे, सुरेन्द्र अग्निहोत्री, एस.एस. पारी, कैसरजहां, अनिल त्रिपाठी, डा. विजय शंकर शर्मा, जोरैर अहमद आजमी, प्रद्युम्र तिवारी, एस.पी. सिंह, सैयद आसिफ रजा जाफरी, मनीश चंद्र पाण्डेय, राजेन्द्र कुमार, अनिल यादव, स्नेह मधुर, चंद्र किशोर शर्मा, शिवशरण सिंह, अनिल कुमार सिंह, अनिरूद्घ सिह, अवनीश विद्यार्थी, विपिन कुमार चौबे, श्याम बाबू, जय जयसवाल, आलोक पाण्डेय, अभिषेक बाजपेयी, हेमंत मैथिल एरिक सिरिल, दीपचंद, महेन्द्र मोहन गुप्ता हैं।
नेता का नाम कालोनी और आवास संख्या
दिवंगत चंद्रशेखर (पूर्व पीएम) लाप्लास 301-302
सांसद लालजी टण्डन दारूलसफा बंगला 9
एमएलसी दयाराम प्रजापति दारूलसफा बंगला 7
शाहिद मंजूर (मंत्री) लाप्लास 101
विधायक राजेश यादव लाप्लास 202
विधायक धर्मपाल लाप्लास 602
विधायक राजेश अग्रवाल गुलिस्तां कालोनी 53
पूर्व विधायक कमलेश पाठक डालीबाग कालोनी 12/3
जेडए फारूखी (सुन्नी वक्फ बोर्ड) गोमती नगर कालोनी 30 टीवाई 6
अफसर का नाम कालोनी और आवास संख्या
आईएएस अजय कुमार सिंह बटलर पैलेस टाइप 5-4
डा. ए.के. वर्मा बटलर पैलेस के डी 13
श्याम सिंह यादव बटलर पैलेस 7 टाइप 4
आर.एन. सिंह यादव बटलर पैलेस बी-22
पूर्व आईएएस बी.बी. सिंह बटलर पैलेस सी 65
पीपीएस पीयूष श्रीवास्तव निराला नगर सी-4
आईएएस डा. हरिओम गुलिस्तां कालोनी 21
आईपीएस डा. जीके गोस्वामी दिलकुशा कालोनी ए-6
पूर्व प्रमुख सचिव न्याय जेडए खान राजभवन 6
आईपीएस सैयद वसीम अहमद गुलिस्तां कालोनी 49
पत्रकार का नाम कालोनी और आवास संख्या
प्रतिभा यादव बटलर पैलेस सी-30
पवन मिश्रा कैसरबाग 1/1
अशोक सिंह कैसरबाग 1/16
अमन अब्बास कैसरबाग 2/7
एम.ए. हफीज (दिवंगत) राजभवन कालोनी 19
शशांक शेखर त्रिपाठी राजभवन कालोनी 12
ताहिर अब्बास राजभवन कालोनी 43
सुधा साक्षी डालीबाग कालोनी 5 टीवाई 6
के.डी. बनर्जी डालीबाग कालोनी 7/8
अब्बस हैदर डालीबाग जे 1/4
स्व. रामकल्प उपाध्याय तालकटोरा ईडी 33
विजय सिंह लाप्लसा कालोनी 1106
पुष्पांजलि संस्थान लालबाग कालोनी बी- 10
लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी साइथ रोड दारूलसफा 5
लखनऊ से प्रकाशित सप्ताहिक समाचार पत्र निष्पक्ष दिव्य संदेश में प्रकाशित त्रिनाथ के. शर्मा की रिपोर्ट





