रविवार की सुबह बोधगया मंदिर आठ सिलसिलेवार धमाकों से थर्रा उठा। इन विस्फोट में दो बौद्ध भिक्षु समेत पांच जख्मी हुए हैं। सवेरे 5.40 मिनट पर चार धमाके महाबोधि मंदिर परिसर के भीतर हुए, जबकि तीन ब्लास्ट टेरेगा मोनेस्ट्री में हुए। आठवां धमाका दुनिया भर में मशहूर 80 फीट की भगवान बुद्ध की मूर्ति के करीब हुआ। इन धमाकों को गृह मंत्रालय ने आतंकी वारदात करार दिया है।
डीआईजी नय्यर हुसनैन खान ने कहा, महाबोधि मंदिर के गर्भगृह को नुकसान नहीं पहुंचा है। जख्मी बौद्ध भिक्षु की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। इन्हें इलाज के लिए मगध अस्पताल ले जाया गया है। गया के एसपी के मुताबिक मंदिर परिसर में दो जिंदा बम भी मिले, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक धमाकों के लिए कम क्षमता वाले देसी बमों का इस्तेमाल किया गया। मंदिर के ढांचे को कोई नुकसान पहुंचाने की खबर नहीं है। मंदिर में मौजूद एक बौद्ध भिक्षु ने कहा, 'हम सवेरे की प्रार्थना कर रहे थे, जब धमाकों की आवाज सुनी। इनकी आवाज बहुत ज्यादा थी। हमने चार धमाके सुने।' महाबोधि मंदिर के परिसर में हीरों से सजा सिंहासन और पवित्र बोधि वृक्ष है। एनआईए की टीम बोधगया भेजी जा रही है। इसके अलावा एनएसजी के अधिकारी भी वहां जाएंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। धमाकों के बाद मंदिर खाली करा लिया गया और एंट्री बंद कर दी गई। ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमले होने की आशंका से जुड़ी खुफिया खबरें पहले ही दे दी गई थीं। धमाकों में किस विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ है, इसकी जांच की जा रही है और पुलिस इस बात पर भी गौर कर रही है कि कहीं सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई।





