Sachin Kumar Jain : एक नामचीन अखबार की वेबसाईट को आज देखने के बाद पत्रकारिता की नयी परिभाषा गढने का मन हो आया – ''मीडिया में पोर्न और विलासिता के परिपूर्ण सामग्री (खास तौर पर चित्र) को परोसना जरूरी है. क्योंकि हमारे कुंठित समाज में इसका बड़ा भीतरी महत्व है. और चूँकि इस तरह की सामग्री बिना सन्दर्भ दिखायेंगे तो बड़े अखबार की साईट को पोर्न साईट की श्रेणी में ला दिया जाएगा. बस इसीलिए पोर्न चित्रों या सामग्री दिखाने के लिए जो सन्दर्भ खोजे, बनाए या गढे जाते हैं, उसे ही पत्रकारिता कहा जाता है.''
(सन्दर्भ – एक वेबसाईट पर खबर है कि रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री बी ग्रेड की फिल्मों में काम करती थीं. बस इसी के नाम पर उन्होंने फोटो चिपका दिए).
आज की एक और सीख- ''यदि आप कुछ अखबारों की वेबसाईट पर जाएँ तो स्क्रोल करके नीचे जाना बेकार है.''
पोर्टल के लिए काम करने वाले एक साथी ने बताया कि सबसे ज्यादा प्राथमिकता इन्ही विषयों के लिए होती है….कोई विरोध करता है तो उसे हाशिए पर धकेल दिया जाता है.
विकास संवाद से जुड़े सचिन कुमार जैन के फेसबुक वॉल से.





