भिवानी : वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार रहे देवब्रत वशिष्ठ की रस्म पगड़ी रविवार को यहां शिवनगर कालोनी स्थित सिंघानिया भवन धर्मशाला में आयोजित की गई। इस अवस पर स्व.वशिष्ठ के ज्येष्ठ पुत्र श्रीभगवान वशिष्ठ को पगड़ी पहनाई गई। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा भी आयोजित की गई,जिसमें महंत चरणदास, महंत वेदनाथ व कमरूद्दीन ने भाग लिया।
रस्म पगड़ी में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने दिवंगत आत्मा के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामबिलाश शर्मा ने कहा कि स्व.देवव्रत वशिष्ठ एक निर्भिक व निडर पत्रकार थे,जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के हरवर्ग की आवाज उठाई। वे पत्रकारिता में लेखन के साथ शोध से भी जुड़े रहे। वे आपातकाल के दौरान 19 माह तक उनके साथ जेल में भी रहे, लेकिन किसी के दबाव में झुके नहीं।
उन्होंने कहा कि स्व.वशिष्ठ के पद चिन्हों पर चलते हुए उनके ज्येष्ठ पुत्र श्रीभगवान वशिष्ठ व शिवशर्मा स्वच्छ पत्रकारिता का निर्वहन कर रहे हैं। इनैलो युवा नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि उनके परिवार के साथ स्व.वशिष्ठ के पारिवारिक सम्बंध रहे हैं। उनके दादा जी स्व.देवीलाल व स्व.वशिष्ठ घनिष्ट मित्र थे। उनके दादाजी स्व.वशिष्ठ के बारे में अनेक संस्मरण बताते थे। विधायक घनश्यामदास सर्राफ ने कहा कि स्व.वशिष्ठ ने हमेशा सिद्धांतों की पत्रकारिता की, लेकिन किसी दबाव में नहीं आए। आपातकाल के दौरान उन्होंने बड़े ही निर्भिक तरीके से अपने समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित किए।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डा.शिवशंकर भारद्वाज ने कहा कि स्व.वशिष्ठ पत्रकारिता के पुरोधा थे। वे दी ट्रिब्यून, दैनिक ट्रिब्यून व हिंदुस्तान में बतौर संवाददाता कार्यरत रहे। विभिन्न राष्ट्रीय समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में उनके समायिक व राजनीतिक विषयों पर लेख भी प्रकाशित होते रहे हैं।
श्रद्धांजलि सभा में विधायक धर्मपाल ओबरा, पूर्व विधायक शशिरंजन परमार, हजकां महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष कुसुम शर्मा, गोहाना से पंडित उमेश शर्मा, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव संदीप सिंह, अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष औमप्रकाश मान, इनैलो के जिला प्रधान सुनील लांबा, शहरी प्रधान पुनीत मस्ता, इनैलो नेता मनमोहन भुरटाना, हिसार के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर वशिष्ठ, भाजपा के जिला प्रधान ताराचंद अग्रवाल, राजेंद्र धानक, मीनू अग्रवाल, तोशाम के सरपंच देवराज गोयल, परशुराम सेना के अध्यक्ष अरूण गौड़, प्रवीण कोकड़ा, इनैलो नेता विक्रम सिंह तंवर, ओमप्रकाश बहलवाला, रमेश बंसल, त्रिवेणी के महासचिव डा.अनिल गौड़ समेत अनेक लोगों ने स्व.वशिष्ठ के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
यहां उल्लेखनीय होगा कि देवव्रत वशिष्ठ का 79 वर्ष की आयु में 26 जून की सुबह निधन हो गया। देवब्रत वशिष्ठ का जन्म 23 जनवरी 1934 को पंडित रविंद्रनाथ वशिष्ठ के घर में हुआ। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरूआत नवप्रभात भोपाल से की। इसके बाद वे दी ट्रिब्यून, दैनिक ट्रिब्यून व हिंदुस्तान में बतौर संवाददाता कार्यरत रहे।
विभिन्न राष्ट्रीय समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में उनके समायिक व राजनीतिक विषयों पर लेख भी प्रकाशित होते रहे हैं। 26 जनवरी 1957 को उन्होंने साप्ताहिक चेतना की शुरूआत की,जिसका बाद में 1981 में दैनिक प्रकाशन शुरू कर दिया गया। दैनिक चेतना अपनी हीरक जयंती मना चुका है। आपातकाल में अपने लेखन व हरियाणा के हितों की रक्षार्थ वे अपने पिता के साथ 19 माह तक जेल में भी रहे।





