: पेशी पर लाने ले जाने के दौरान तैनात रहेंगे विशेष जवान : घात लगाकर हत्या करने में माहिर खिलाड़ी है बृजेश गुट : कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांगी थी सुरक्षा : सुलतानपुर : पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खासमखास माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। वजह यह है कि माफिया बृजेश सिंह के चचेरे भाई की हत्या के बाद गैंगवार की आशंका के मद्देनजर शासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। खंगाले गए रिकार्डों से पता चला है कि बृजेश गुट घात लगाकर खूनी खेल खेलने का माहिर गैंग है। इसी अनहोनी को लेकर मुन्ना को पेशी से ले जाने-आने के लिए विशेष श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।
बनारस के धौरहरा गांव में सप्ताह भर पहले माफिया डॉन बृजेश सिंह के चचेरे भाई सतीश सिंह की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या के बाद पूर्वांचल में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का नाम आने से गैंगवार की आशंका बढ़ गई थी। गैंगवार रोकने के लिए शासन भी सतर्क हो गया। आगरा जेल में बंद विधायक मुख्तार अंसारी व सुलतानपुर जेल में बंद इनके खासमखास मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वजह यह है कि बृजेश गुट घात लगाकर हत्या करने का माहिर खिलाड़ी है। पुलिस रिकार्डों के मुताबिक 1984 में बृजेश गुट ने बनारस के सिकरौरा गांव में यादव परिवार पर धावा बोल सात लोगों की हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में एक बच्चा भी मारा गया था।
वारदात को अंजाम देने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस से भी बृजेश की मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस की गोली से बृजेश घायल हो गया था। लेकिन वह न्यायिक हिरासत से फरार होने में कामयाब था। फरारी के दौरान ही बृजेश ने यूपी, उड़ीसी, गुजरात समेत कई प्रदेशों में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान 40 से अधिक हत्या की वारदातों के मुकदमे बृजेश सिंह पर दर्ज हुए हैं।
दो मई 1991 को एक कार्यक्रम से लौटते समय कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजल अंसारी के वाहन पर घात लगाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। 15 मई 2011 को बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के काफिले पर धावा बोलकर बृजेश सिंह ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। जिसमें सात लोग घायल हो गए थे और सुरक्षा में लगे एक कांस्टेबल रामचन्द्र समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। जवाबी फायरिंग में एक हमलावर भी ढेर हो गया था जिसकी शिनाख्त बिहार के मनोज राय के रूप में हुई थी।
मुम्बई में भी दाऊद इब्राहीम के बहनोई की हत्या कराने वाले राकेश हलदान को गुजरात में भाड़े पर बृजेश ने मार गिराया था। इस दौरान भी ड्यूटी पर तैनात सीओ से इस गुट की मुठभेड़ भी हुई थी। झारखंड में भी कई हत्याएं भाड़े पर घात लगाकर कर चुका है।
इन सब रिकॉर्डों को देखते हुए शासन ने अनहोनी टालने के लिए सुलतानपुर जिला कारागार की बैरिक नम्बर टू सी में बंद मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। साथ ही जेल प्रभारी जेल अधीक्षक मृत्युंजय पांडेय का दावा है कि पेशी पर ले जाते समय व लौटते समय उनके द्वारा की गई सुरक्षा व्यवस्था को कोई भी नहीं भेद सकता है। कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजल अंसारी का कहना है कि उनके भाई मुख्तार अंसारी की नामजदगी गलत है।
पूर्व में की गई वारदातों पर दर्ज मुकदमे को उठवाने के लिए साजिशन उनके भाई का नाम बृजेश गुट ने लिखवा दिया है। धौरहरा गांव में हुई सतीश सिंह की हत्या पट्टीदारी को लेकर हुई है। पारिवारिक रंजिश को लेकर अभी तक 70 से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं।
सतीश सिंह हत्याकांड में उनके छोटे भाई के साथ-साथ तीन अन्य लोगों पर जिन्होंने बृजेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है या तो किसी मुकदमे का गवाह है उन पर भी हत्या की साजिश का मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वह मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन उन्हें सिर्फ एक ही गनर मुहैया कराया गया है। सुलतानपुर के प्रभारी जेल अधीक्षक मृत्युंजय पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर मुन्ना बजरंगी को पेशी पर ले आने और ले जाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सुलतानपुर से आसिफ मिर्जा की रिपोर्ट.





