Om Thanvi : BlackBerry तब से प्रयोग कर रहा हूँ, तकरीबन जब से इसका आविष्कार हुआ। यानी निष्ठावान प्रयोक्ता हूँ। मगर इस दफा निष्ठा डिग गई। आते ही नया मॉडल Q10 खरीदा। निश्चय ही उसकी मशीन (OS) त्वरित है। कई खूबियाँ हैं। सबसे बड़ा गुण यह (जो मुझे दरकार है) कि डायलिंग-पैड भी है और शानदार टच-पैड भी है, जैसा कि पिछले मॉडल 9900 में था। फिर भी मेरी निष्ठा डिग क्यों गई?
क्योंकि फोन में जमा किसी चीज (सन्देश, पत्र, टिप्पणी आदि) को खंगालने अर्थात सर्च करने में 9900 के मुकाबले नया मॉडल Q10 धीमा है! 9900 में ऐसा था कि होमस्क्रीन पर सर्च के लिए पहला अक्षर टांकने के साथ ही संभावित परिणाम बिजली की गति से झलकने शुरू हो जाते थे। नए मॉडल में इसमें किंचित वक्त लगता है।
दूसरी बड़ी खामी यह: 9900 के 24 बटनों से मैंने अपने 24 जरूरी फोन नंबर जोड़ रखे थे। होमस्क्रीन पर एक बटन दबाते ही (मसलन एच से घर का, ओ से दफ्तर का, एम से मिहिर का आदि) मिल जाते थे। यानी ज्यादातर जरूरी नंबर फोन खोले बगैर सुगमता से मिलाए जा सकते थे। मेरे लिए यह सबसे बड़ी सुविधा थी। Q10 में भी 'स्मार्ट डायलिंग' तो है, पर उसके लिए जतन करना पड़ता है; पहले 'फोन' वाला आइकन दबाना पड़ता है, फिर डायलिंग-पैड का, उसके बाद कीजिए जो करनी हो 'स्मार्ट डायलिंग'! माना जाता है कि नई तकनीक हमेशा पहले से कुछ आगे ले जाती है। इस भरोसे में लगता है इस दफा कुछ धोखा हो गया। (यह कोई फोन-समीक्षा नहीं है, महज उपभोक्ता के नाते फौरी प्रतिक्रिया है!)
वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी के फेसबुक वॉल से.





