Yashwant Singh : कुछ भाई लोग बड़े खुश हैं और बार बार लिख बोल रहे हैं… ऐतिहासिक फैसला.. सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला… इन बाल बुद्धियों को कहना चाहूंगा कि नेता बुद्धि से सोचें… जिस तरह नेताओं ने आरटीआई के दायरे में पोलिटिकल पार्टीज को लाने से बचाने की तैयारी कर ली है और अध्यादेश लाया जा रहा है, उसी तरह संसद के जरिए ये प्रस्ताव पास करा लेंगे कि … ''सजा और सांसद के बीच कोई रिश्ता न रखा जाए क्योंकि नेता तो जनता के लिए लड़ते हुए कई बार जेल जाता है और सजा तक पा जाता है.. तो ये गलत बात है….'' ऐसी ही बहसें आपको आगे नेताओं के श्रीमुख से सुनने जानने को मिलेंगी… इसलिए दिमाग को डेमोक्रेटिकली मेच्योर बनाइए और नेताक्रेसी-ब्यूरोक्रेसी के बीच नत्थी डेमोक्रेसी के असली नटखट नट-बोल्टुओं पेंचों का पता लगाइए..
Naveen Chhibbar बिलकुल सही कहा
याज्ञवल्क्य वशिष्ठ सटीक
Mangala Yadav जिस प्रकार चुहा अपने आप को बचाने के लिए कई बिल बना कर रखता है, उसी तरह नेता भी इस फैसले से बचने के लिए कोई रास्ता निकाल लेंगें! कोई फर्क इन नेताऔं और चुहों मे….
Shambhu Dayal Vajpayee फिर इससे सफेदपोशों पर तो कोई अंकुश लगेगा नहीं। राजनीति में सफेदपोश अपराधी भरे पडे हैं।
Subhash Gupta ha ha haaaaaalllllllllllllllllRIGHT SIR.
Sanjeev Chauhan अगर ऐसी बुद्धि न बनी होती जनता की तो जनता ही न कोसती मनमोहन-सोनिया जी को
Danish Rizwan eee bat to sahi kahi aapne…
Minakshi Mathur sahi kaha
Vasant Joshi Sahi kaha hai.
Kamal K. Jain agreed
Vinay Maurya Right brother
Ashutosh Srivastava Bilkul sach
Uttam Kumar tru
Ashok Gupta ·जनता जिस दिन बुद्धिमान हो गयी नेता कहाँ जायेंगे लेकिन कुछ भी हो जाये नेता ऐसा कभी होने नहीं देंगे
Ashish Sagar Dixit हरी ॐ राधे …..!
Bharti Jha right sir
Ashish Sagar Dixit अन्दर से केंद्र सरकार की आवाज सुनाई दे रही है कि वे इसके खिलाफ याचिका दायर करेगी और अगर फिर भी बात नही बनती है तो अंतिम अधिकार जो संसद के पास है वे कानून में संसोधन / नया विधेयक पारित कर लेगे …सुप्रीम कोर्ट को जब तक फुल पावर नही मिल जाता वो महज इस देश के लोकतंत्र की प्रहरी तो हो सकती है लेकिन इन दोगले स्वाभाव वाले नेताओ से देश की अस्मत नही बचा पायेगी क्योकि ये नेता कभी नहीं चाहेगे कि राजनीति से अपराध / अपराधिक छवि वाले लोग बाहर जाये l वे ही अन्य तरीको से पार्टी फंड और स्रोत जुटाते है चुनाव में भारतीय भीड़ तंत्र को वोट में बदलने के लिए ….जय हो भारत की बदहाल माता की !
Sunil Kumar anar ki bat
Jitendra Dixit सही कह रहे हैं। घाघ प्रजाति कोई रास्ता जरूर खोज लेगी, जनसेवा के नाम पर।
राकेश कुमार सिंह नाडी पकड़ ली आपने। पत्रकारिता के वैद्य है आप। दुर्भाग्य है अधिकतर "प्रिय बोलहि भय आस" पब्लिक है सब जानती है साहब।
Anil Attri दिल्ली पुलिस के अधिकारी की बेटी CEO ..थानो में निजी चेनल(मनोरजन ) के कैमरे लगाये …. सावधान दिल्ली ….. आजकल दिल्ली में जहा भी मर्डर / फायरिंग / या कोई दूसरी बड़ी वारदात होती है तो वहा जब समाचार चैनल / या समाचार पत्र के लोग पहुंचते है तो वहा पहले से लाइफ ओके (मनोरंजन चेनल) की टीम आन द स्पॉट पर यहां तक कि डेड बोडी के पास लाइव कवरेज करती मिलती है ..समाचार चैनल / या समाचार पत्र के रिपोर्टर क्राइम टीम से पहले कही अंदर नहीं जाते पर आजकल ये मनोरजन के चैनल असली शूट कर रहे हैं और पुलिस टीम के साथ ही इनकी टीम निकल रही है ..यहां तक कि कई थानों में काम रोककर इस चैनल की फिल्में / या धारावाहिक शूट किये जा रहे है .. पीड़ित परिवार चाहे या न चाहे ये शूट कर लेते है ..पीड़ित परिवार को पता भी नही की ये क्राइम टीम है या नाटक मंडली … सूत्रों से खबर है कि लाइफ ओके चैनल की बड़ी अधिकारी दिल्ली पुलिस के बहुत बड़े अधिकारी की बेटी है ..और एक नाटक की टीआरपी के लिए खेल हो रहा है ….. कृपया शूट पर जाने वाले रिपोर्टर ध्यान दे अंदर नाटक मंडली मिलेगी … इनके नाटको में कई असली फूटेज चलती है जो उसे देख आप न्यायलय की शरण जाकर इस अधिकारी को बेपर्दा करे …………. एक साथी का ये 3 जुलाई का पोस्ट पेस्ट कर रहा हूँ …सॉरी डीयर आपका ये निचे सेम पेस्ट कर रहा हूँ .. ''mai apne ek journalist sathi ke sath ek case ke silsile me vasant vihar police station gaya …isi ilake me 16 dec ko gangrape hua tha..police station me dekha to pata chala ki SHO sahab dialogue bol rahe hai…Life Ok ke liye crime show shoot ho raha hai …mai policewalo ko bina disturb kiye vapas laut aya ..socha ki hum to inhe har roz galiya dete hai…kam se kam ye apne hi show me Spiderman ban le….vaise delhi police is show ke chalte light,camera aur action me mahir ho jayegi ….asal me uska action kaisa bhi ho !''
भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.





