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यूपी के पुलिस अफसरों के बुरे बर्ताव से आहत है एक युवा पत्रकार

: पहले मायावती से लिखवा कर ला तब तुझे भर्ती करूंगा : मुलायम के दलाल पत्रकार के लिए भर्ती नहीं खोली मैंने :  मुलायम के जिले का न होता तो आज पुलिस इंसपेक्टर होता : “पुलिस में भर्ती होना है तो पहले माया मेमसाब की सिफारिश लेकर आ…”, ये शब्द सीओ दुर्गेश कुमार सिंह ने अमेठी पुलिस लाईन में सब इंसपेक्टर भर्ती के लिए नापतौल कराने गए कानपुर निवासी हरेन्द्र प्रताप सिंह से कहे। ऐसा आरोप खुद हरेंद्र ने लगाया है। हरेंद्र के मुताबिक- सीओ ने जमकर गालियां दी और वहां से भगा दिया। हरेंद्र ने खुद की जो कहानी भड़ास4मीडिया को लिखकर मेल किया है, उसके मुताबिक हरेन्द्र को शाम 3.30 बजे पुलिस भर्ती के टेस्ट के लिए बुलाया गया था लेकिन भर्ती प्रक्रिया बन्द होने का समय नहीं बताया गया।

: पहले मायावती से लिखवा कर ला तब तुझे भर्ती करूंगा : मुलायम के दलाल पत्रकार के लिए भर्ती नहीं खोली मैंने :  मुलायम के जिले का न होता तो आज पुलिस इंसपेक्टर होता : “पुलिस में भर्ती होना है तो पहले माया मेमसाब की सिफारिश लेकर आ…”, ये शब्द सीओ दुर्गेश कुमार सिंह ने अमेठी पुलिस लाईन में सब इंसपेक्टर भर्ती के लिए नापतौल कराने गए कानपुर निवासी हरेन्द्र प्रताप सिंह से कहे। ऐसा आरोप खुद हरेंद्र ने लगाया है। हरेंद्र के मुताबिक- सीओ ने जमकर गालियां दी और वहां से भगा दिया। हरेंद्र ने खुद की जो कहानी भड़ास4मीडिया को लिखकर मेल किया है, उसके मुताबिक हरेन्द्र को शाम 3.30 बजे पुलिस भर्ती के टेस्ट के लिए बुलाया गया था लेकिन भर्ती प्रक्रिया बन्द होने का समय नहीं बताया गया।

हरेन्द्र वहां शाम 5.15 बजे पहुंचे तो उस समय वहां एक लड़के की नापतौल हो रही थी। हरेन्द्र ने कहा- सर मैं अम्बाला में प्राईवेट नौकरी करता हूं, इसलिए आने में थोड़ी देर हो गई। इस पर सीओ दुर्गेश कुमार और डीएसपी नरेन्द्र प्रताप सिंह ने हरेंद्र से पूछा- कहां के रहने वाले हो? हरेंद्र ने बताया- औरैय्या का। उन्होंने पूछा, ''ये कहां पड़ता है”। उसने बताया मुलायम सिंह के जिले से सटा हुआ जिला है। इस पर नरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा, ''मुलायम ने अपने शासनकाल में बहुत से लोगों को भर्ती कर लिये, अब और लोगों को भर्ती होने दो”। हरेन्द्र ने कहा कि उसके साथ एसा न करें नहीं तो उसकी जिन्दगी बर्बाद हो जाएगी। इस पर सीओ दुर्गेश कुमार का जवाब था- तो हो जाने दो ना, मुलायम ने भी तो लाखों की जिन्दगी चौपट की है। इस बार मायवती सब देख रही हैं। हम लोगों की चाय पानी तक का जुगाड़ नहीं है। अगर तुम उनसे लिखवा कर ले आओ तो मैं तुम्हें भर्ती कर लूंगा। सीओ ने हरेंद्र को मुलायम सिंह का चमचा कह कर भगा दिया। यह भी कहा- ''मुलायम सरकार में उनके क्षेत्रवासी ठाकुर और अहीर थोक के भाव भर्ती हुए, फिर भी तुम रह गए।'' .

हरेन्द्र ने जब इसकी शिकायत भर्ती बोर्ड के आईजी कमल सक्सेना से की तो उन्होने कहा, सीओ दुर्गेश ने बताया था तेरे बारे में, तू वही मुलायम का चमचा है ना। क्या करता है तू? हरेन्द्र ने कहा, ''सर पत्रकार हूं'', इस पर आईजी सक्सेना ने कहा- ''अच्छा तब तो तू मुलायम की भी दलाली ज़रूर करता होगा। तभी इतना उछल रहा है।'' हरेन्द्र ने उनसे दोबारा तारीख देने के लिए प्रार्थना की लेकिन उन्होंने भी सीओ की तरह नया शिगूफा छोड़ दिया कि प्रमुख सचिव गृह फतह बहादुर से सर्कुलर जारी करवाओ, तब तुझे भर्ती करूंगा। तेरे जैसे मुलायम सिंह के दलाल पत्रकार के लिए भर्ती नहीं खोली थी मैंने। बहिन जी का दलाल होता तो एक बार जरूर सोचता। हरेन्द्र ने बताया कि 31/9/2011 और 1/10/2011 को सैकड़ो लड़कों को दोबारा मौका दिया गया लेकिन आईजी सक्सेना सीओ दुर्गेश कुमार और डीएसपी अमेठी नरेन्द्र प्रताप सिंह की जिद के चलते उसे दोबारा भी मौका नहीं दिया गया। अब हरेन्द्र ने न्याय के लिए लखनऊ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पर जहां पूरा प्रशासन और शासनतंत्र मायावती के कहने पर चल रहे हैं तो शायद इस जन्म में तो हरेन्द्र को पुलिस की नौकरी न मिल सके और जब तक उसके पक्ष में फैसला आता है तब तक शायद उसकी उम्र नौकरी करने की बचेगी नहीं। इस प्रकार कह सकते हैं कि हरेंद्र के लिए मुलायम सिंह के जिले से सटे एक छोटे से जिले का पत्रकार होना अपराध हो गया है।

हरेन्द्र का कहना है कि अगर वो मुलायम के जिले का न होता तो शायद सब इंसपेक्टर होता। उसका कहना है कि वह बहुत छोटा पत्रकार है। माना मुलायम के क्षेत्र का ही है लेकिन वह उनका दलाल तो नहीं है। उसे पुलिस अधिकारियों के अहंकार के चलते सरकारी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। उसने कहा कि अगर वो मुलायम का दलाल होता तो इस नौकरी की तरफ देखने भी नहीं आता। पुलिस भले अपनी तरह सब को दलाल समझती है लेकिन इससे उसक जिंदगी बर्बाद हो गई। उसने कहा कि माया की भ्रष्ट नीतियों के चलते अधिकारी बेलगाम हो गए हैं और उसी के इशारे पर मुलायम सिंह के क्षेत्रवासियों के साथ एसा किया जा रहा है। लेकिन अगर मैं मुलायम के इलाके का हूं तो मेरा क्या कसूर है। क्या मैं सरकारी नौकरी सिर्फ इसलिए नहीं कर सकता क्योंकि मैं मुलायम सिह यादव के इलाके का रहने वाला हूं।

देश के नागरिकों की सुरक्षा में तत्पर रहने वाले पुलिस के आला अधिकरी यदि इस तरह से नेताओं की उंगली पर नाचेंगे तो किस तरह लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। क्या आम नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम होंगे। ये लोकतंत्र नहीं, ये तो एक तरह से हिटलरवाद है, जिसे चाहा रखा, जिसे चाहा निकाल दिया। जहां आज हर कोई सरकारी नौकरी के लिए जी जान से लगा है, वहां हाथ आई नौकरी के निकल जाने के बाद अब हरेन्द्र को इंतजार है तो सिर्फ न्याय का।
 
हरेंद्र द्वारा भड़ास4मीडिया को भेजा गया ओरीजनल मेल इस प्रकार है–

Pradam Respected Yaswant Sir

Sir ek news Bhej raha hu Krapya esko Lagva digiye. apka bahut abhari rahuga

Danyabad

Apka

Harendra Pratap Singh

Kanpur


Pahle Mayavati se likvakar la tab tujhe police me bharti Karuga

Lucknow : ''Pahle Mayabati se likvakar lao, tab tujhe police me bharti karuga'' ye Shabd Khaki ke nase me chur Amethi Police line me Sub inspactor  Bharti ke liye naptol karane gaye kanpur nivasi harendra Pratap Singh se Vaha Maujud CO Durgesh kumar Singh ne kahe aur galiya dete huye vaha se bhaga diya.

harendra ko vaha sham 3.30 baje bulaya gaya tha, lekin Bharti prakiriya band hone ka samay nahi bataa gaya tha. vah vaha par Sham 5.15 baje pahuche, us samay vaha ek ladke ki naptol ho rahi thi. harendra ne kaha Sir me Ambala me Private job Karta hu, esliye thodi der ho gayi, espar vaha maujud co durgesh kumar ne aur DSp Narendra Pratap singh ne pucha Kaha ke rahne vale ho, usne bataya Auraiya ka. Unhone pucha ye kaha Padta he. Usne batya Mulayam singh ke jile se sata hua jila he. es par Narendra Pratap singh ne kaha mulayam ne apne shasankal me bahut se logo ko bharti kar liya ab aur logo ko bharti hone do. harendra ne kaha ki uski life barbad ho jayegi. es par co durgesh kumar singh ka jawab tha, '' to ho jane do na, mulayam ne bhi to lakho ki life chopad ki he. es bar mayavati sab dekh rahi he. hamlogo ka chay pani tak ka jugad nahi he, agar tum unse likvakar le aao to  me tumhe bharti kar luga. co ne use, sale mulayam singh ke chamche kahkar bhaya diya. mulayam sarkar me unke chetavasi thakur aur ahir thok ke bhav me bharti huye he phir bhi tum rah gaye.

Mulayam Singh ke Dalal Patrakar ke liye Bharti Nahi kholi mane

harendra ne eski sikayat Bharti board ke ig Kamal Saxena se ki. Unhone Kaha, ''co durgesh ne tare bare ma bataya tha, tu hi vo mulayam ka chamcha he. Kya karta he tu.'' harendra ne kaha Sir Me Patrakar hu. espar ig Saxena ne kaha Achcha tabhi mulayam ki dalali karta hoga tabhi etna uchal raha he. Harendra ne unse dobara date dane ki request ki lekin uNhone Bhi co ki tarah Naya turra thama diya ki pramukh Sachiv grah fateh bhadur se Sarkular Jari karao tab tujhe Bharti Karuga. tare Jaise Mulayad Singh ke Dalad Ptrakar ke liye Bharti nahi kholi thi. Bahin ji ka Dalal hota to ek bar ajrur sochta. harendra ka kahna he ki 31/9/2011 Aur 1/10/2011 ko sakdo Ladko ko dobara mauka diya gaya Lekin ig Kamal Saxena, co durgesh kumar aur Dsp Amethi Narendra Pratap singh ke jid ke chalte use fir bhi mauka nahi diya gaya. Usne Nyay ke liye Ab Lucknow Highcourt Ka Darbaja khatkhataya he.

Mulayam singh ke jile Ka na hota to Sub inspactor hota

Harendra Ka akahna he ki vah mulayam Singh ke jile ka na hota to Sub inspactor hota. uska kahna he ki vah ek bahut chota ptrakar he Mana Mulayam singh ke chetra ka he lekin vah unka dalal nahi he. Use police Adhikariyo ki ego aur Mayavati ki hitlari ke chalte Sarkari Nokari se hath dona pada. usne kaha agar vah Mulayam ka dalal patrakar hota to yah nokari kabhi dekhne nahi aata. Police Bale khud ki tarah sab ko dalal samajhte he. usne kaha ki mayavati ki brast nitiyo ke chalte adhikari belagam ho gaye he, usi ke isare pare mulayam singh ke chetravasiyo ke sath aisa kiya ja raha he. agr me vaha ka hu to esme mera kya dosh he.

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