नई दिल्ली: एबीपी न्यूज पर आज से एक नया शो 'प्रधानमंत्री' शुरू हो रहा है. ये शो हर शनिवार और रविवार को रात दस बजे दिखेगा. इस शो के होस्ट शेखर कपूर का कहना है कि इसमें आज के भारत की ऐसी घटनाएं होंगी, जो बड़े बदलाव और घटनाओं के शोर में दब जाती हैं. शेखर यह भी कहते हैं कि मुमकिन है कि इस शो से विवाद पैदा हो, लेकिन इस शो में बनते भारत की पूरी कहानी पेश करने की कोशिश की गई है. आम तौर पर इतिहास की पुस्तकों में सभी घटनाओं का समावेश नहीं मिलता. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और भारत विभाजन, इतिहास की ऐसी युगांतकारी घटनाएं हैं जिनके हर पहलू की रोचकता का हर कोई अनुभव करना चाहता है.
इतिहास की ऐसी ही गुमशुदा रोचक घटनाओं को कड़ियों में पिरोकर समाचार चैनल एबीपी न्यूज अपने 'प्रधानमंत्री' कार्यक्रम में प्रस्तुत करने जा रहा है. हर शनिवार रात 10 बजे प्रसारित होने जा रहे इस कार्यक्रम में विभाजन के बाद से देश के 65 वर्षो के इतिहास को समेटा गया है. आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री से अब तक 13 लोग सत्ता के इस शीर्ष पर काबिज हो चुके हैं. प्रधानमंत्री कार्यक्रम का चरम बिंदु सिर्फ मनमोहन सिंह का सत्तारूढ़ होने पर ही खत्म नहीं होता है, बल्कि अब तक के प्रधानमंत्री के कार्यकाल की उन घटनाओं का जिनसे हमारा वर्तमान और भविष्य दोनों पर गहरा असर पड़ता है या पड़ रहा है, को शामिल किया गया है.
इस कार्यक्रम की रोचक शुरुआत आजादी की घोषणा के ठीक 9 दिन पहले यानी 6 अगस्त 1947 को दिल्ली के औरंगजेब रोड के एक बंगले की घटना से होगी. 10 औरंगजेब रोड के उस बंगले पर उस दिन पृथक पाकिस्तान के मुखर पैरोकार मुहम्मद अली जिन्ना ने एक महाराजा के हाथ से सादे कागज का एक टुकड़ा छीन लिया था और आजाद भारत का भूगोल बदल दिया था. इस कार्यक्रम की हर कड़ी कुछ ऐसी ही रोचक घटनाओं को पिरोकर तैयार की गई है.
किस्सों के नाट्य रूपांतरण में कहीं भी तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं की गई है. शो का मकसद सिर्फ पिछले 65 साल के इतिहास को पर्दे पर लाना नहीं है, बल्कि यह बताना भी है कि कैसे हर छोटी से छोटी घटना और बड़े से बड़े किरदार ने आज के भारत को बनाने में अपनी भूमिका निभाई है. इसके अलावा देश आज जिन समस्याओं का सामना कर रहा है उनकी भी पड़ताल की गई है. भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर पर विवाद की शुरुआत, चीन के साथ संबंधों में तल्खी के कारण और छोटे राज्यों की मांग के पीछे के कारणों से लेकर आपातकाल और मारुती कार के बीच रिश्ता तक की पड़ताल इस कार्यक्रम में की गई है.
एबीपी ने कहा है, "इस शो का हर एपिसोड गहन रिसर्च पर आधारित है. मूल दस्तावेजों और अखबारों में छपी खबरों की मदद से हर घटना के सभी पहलुओं को परखा गया है. इसके अलावा इतिहासकारों, शिक्षाविदों और संबंधित व्यक्तियों के पक्ष को भी शामिल किया गया है." मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक शेखर कपूर कार्यक्रम में सूत्रधार/एंकर के रूप में होंगे. शेखर कपूर का कहना है कि आमतौर पर जो इतिहास पढ़ाया जाता है.. और जो घटनाएं घटी हैं उसमें बहुत फर्क है. इसलिए 'प्रधानमंत्री' जैसे कार्यक्रमों की काफी जरूरत है.





