इलाहाबाद। शहर के मशहूर शायर ख़्वाजा जावेद अख़्तर का दिल का दौरा पड़ने से इंतिकाल हो गया। उन्हें तीन दिन से वाइरल फीवर आ रहा था, हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें शनिवार की दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे नाजरेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और लगभग 5:30 बजे इंतिकाल हो गया। 2 सितंबर 1964 को कोलकाता में जन्मे श्री अख़्तर ने अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय से एमए किया था। वे शायर के साथ-साथ फुटबाल के खिलाड़ी भी थे, और इलाहाबाद स्थित एजी आफिस में नौकरी कर रहे थे।
पिछले वर्ष उनका ग़ज़ल संग्रह ‘नींद शर्त नहीं’ प्रकाशित हुआ था, जिस पर उन्हें बिहार उर्दू अकादमी और पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी ने एवार्ड दिया था। उनके इंतिकाल से जहां साहित्य जगत में शोक का माहौल है, वहीं उनकी तीन छोटी-छोटी बेटियों से बाप का साया छिन गया। प्रो. अली अहमद फ़ातमी, शम्सुर्रहमान फारूक़ी, एसएमए काज़मी, असरार गांधी, अख़्तर अज़ीज़, इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी, यश मालवीय, जयकृष्ण राय तुषार, वीनस केसरी, सुरेंद्र राही, प्रो.संतोष भदौरिया, रमेश नाचीज़, एहतराम इस्लाम, सौरभ पांडेय, शकील ग़ाज़ीपुरी समेत एजी आफिस के कर्मियों आदि ने उनके देहांत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।






