निर्मल बाबा दोबारा प्रकट हो गये हैं. उसी 'इंडिया टीवी' पर जिस पर उनकी जम कर आलोचना की गयी. खबर है कि इंडिया टीवी ने ये आलोचना और पोल-खोल अभियान बाबा की बांह मरोड़ने के लिये ही चलाया था और अब दोगुने रेट पर विज्ञापन चला रहा है. दिलचस्प बात ये है कि टीवी के स्वयंभू धुरंधर इसे 'बिजनेस मॉडल' बता रहे हैं. एक सेमिनार में इंडिया टीवी के विनोद कापड़ी से एक पत्रकार ने पूछा कि निर्मल बाबा के दोबारा आपके चैनल पर प्रकट होने पर आपको कुछ कहना है, तो वे बगलें झांकने लगे, लेकिन न्यूज-24 के अजीत अंजुम अपने उल-जुलूल तर्कों के साथ मैदान में कूद पड़े.
अजीत अंजुम ने बाबा के विज्ञापन की तुलना पत्र-पत्रिकाओं में छपने वाले इंटरव्यू से कर डाली. कहने लगे, "ये भी एक बिजनेस मॉडल है. पत्रिका वाले पैसे लेकर इंटरव्यू छापते हैं तो हम पैसे लेकर निर्मल बाबा को बोलने का मौका देते हैं." सेमिनार में आये दर्शकों से लेकर वक्ता तक अजीत अंजुम के इस तर्क पर हंसने लगे, लेकिन मजेदार बात ये कि, उन्हें ये अपनी तारीफ लग रही थी. जब उन्हें बताया गया कि ब्लैकमेलिंग और निगेटिव खबरें चलाकर विज्ञापन वसूलना कोई ऐसा बिजनेस मॉडल नहीं है जिसे मंच से प्रचारित किया जाये तब जाकर उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और चुप बैठे. बाद में मंच से उतरने के बाद वे पत्रकारों के पास गये और चिरौरी करते हुए बोले, "ये सब फेसबुक पर मत लिख देना भाइयों."
लेखक अभिषेक आनंद युवा और तेज तर्रार पत्रकार हैं. उनसे संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.





