राजस्थान पत्रिका के वरिष्ठ पत्रकार और चीफ सब एडिटर राकेश कुमार शर्मा ने पत्रिका समूह को अलविदा कह दिया है। करीब तेरह साल तक राकेश शर्मा ने जयपुर संस्करण में न्यायपालिका, क्राइम, पर्यटन बीट में ख्याति पाई और वे चीफ क्राइम रिपोर्टर और सिटी चीफ भी रहे।
करीब चार महीने पहले इरादतन उनका तबादला बीकानेर संस्करण में कर दिया था। इसके पीछे जयपुर कार्यालय में अहम पद पर काबिज एक वरिष्ठ पत्रकार का हाथ बताया जा रहा है। लेकिन राकेश शर्मा ने इस फैसले को नतमस्तक हो मानने की बजाय पत्रिका छोडऩा ही बेहतर समझा। अब राकेश की नेशनल दुनिया अखबार ज्वॉइन करने की चर्चा है।
राकेश शर्मा ने राजस्थान के बहुचर्चित जलमहल लीज प्रकरण को जोर-शोर से उठाया था। सौ एकड़ भूमि पर पर्यटन योजना वाले जलमहल लीज प्रोजेक्ट को राजस्थान पत्रिका समूह के मालिक लंबे समय से हथियाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाजी मारी नवरतन कोठारी ने। जलमहल रिसोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्ताधर्ता और देश के नामी ज्वैलर नवरतन कोठारी ने इसे 99 साल की लीज पर ले लिया। तभी से हजारों करोड़ों रुपए का यह लीज समझौता पत्रिका की आंखों में खटकता रहा। तब भी पत्रिका ने अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
करीब ढाई साल पहले स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, पर्यटन मंत्री बीना काक के जलमहल दौरे के साथ ही पत्रिका ने इस मामले को फिर से उठाने का फैसला किया। यह मामला राकेश शर्मा को दिया गया, तब पत्रिका प्रबंधन और प्रशासन के पास नाममात्र के भी दस्तावेज नहीं थे। आरटीआई और अपने प्रयासों से जलमहल लीज समझौते के करीब चार हजार पेज निकलवाए और एक अभियान चलाकर समझौते की गड़बडिय़ों और घोटालों को उजागर किया।
साथ ही अधीनस्थ न्यायालय और हाईकोर्ट में इस्तगासे और याचिका लगाई। यहीं नहीं इस मामले को जागरुक जन संगठनों के जरिए जनता तक लेकर गए। पहली बार इस मुद्दे पर जन संगठनों ने जयपुर बंद करवाया। हाईकोर्ट से जलमहल लीज समझौता रद्द हुआ और नवरतन कोठारी की गिरफ्तारी तक हुई।
राकेश शर्मा को पत्रिका प्रबंधन ने करीब चार महीने पहले उनका बीकानेर तबादला कर दिया। वैसे ऐसी हरकतें पत्रिका प्रबंधन की आदत में रही है। हां, जब से राकेश शर्मा का तबादला हुआ है तब से यह मामला पिटता जा रहा है, चाहे वह हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की बात हो या निचली अदालत में, अन्य एक दर्जन आईएएस अफसरों के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी, वहां आरोपी पक्ष को ही फायदा मिला।
राकेश शर्मा ने 2 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था। अभी वे 30 दिन के नोटिस पीरियड पर है। चर्चा है कि राकेश शर्मा ने अपने इस्तीफे में पत्रिका समूह में पत्रकारिता और पत्रकारों के लिए ठीक माहौल नहीं होने का कारण बताया है। साथ ही भ्रष्ट व चापलूसों को आगे बढ़ाने और ईमानदार व कार्य के प्रति वफादार लोगों को किनारे करने का आरोप लगाया है।






