Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

मेट्रो की अश्लील क्लिप और हिंदुस्तान अखबार की पत्रकारिता

हिन्दुस्तान टाइम्स ने पिछले मंगलवार को हिन्दी दैनिक हिस्दुस्तान की एक खबर को बहुत ही प्रमुखता से छापा। खबर है- मेट्रो में अश्लीलता और इसकी क्लीपिंग का लीक होना। हिन्दी की खबरें अंग्रेजी वाले अमूमन नहीं लेते हैं और लेते हैं तो उन्हीं खबरों को जो बहुत खास हों, छिपाई या दबाई जा रही हों या जनहित से जुड़े मुद्दे पर हों। और कुछ नहीं तो जिसमें रिपोर्टर ने कुछ खास किया हो। इस खबर में ऐसा कुछ नहीं है। सिर्फ यह पता चलता है कि रिपोर्टर को नेट पर अश्लील साइट टटोलते हुए कुछ ऐसे क्लिप मिले जो दिल्ली मेट्रो के हैं। खबर यह बनाई गई कि दिल्ली मेट्रो में लगे वीडियो कैमरे की क्लिपिंग अश्लील साइट पर है या यह कैसे लीक हुई।

हिन्दुस्तान टाइम्स ने पिछले मंगलवार को हिन्दी दैनिक हिस्दुस्तान की एक खबर को बहुत ही प्रमुखता से छापा। खबर है- मेट्रो में अश्लीलता और इसकी क्लीपिंग का लीक होना। हिन्दी की खबरें अंग्रेजी वाले अमूमन नहीं लेते हैं और लेते हैं तो उन्हीं खबरों को जो बहुत खास हों, छिपाई या दबाई जा रही हों या जनहित से जुड़े मुद्दे पर हों। और कुछ नहीं तो जिसमें रिपोर्टर ने कुछ खास किया हो। इस खबर में ऐसा कुछ नहीं है। सिर्फ यह पता चलता है कि रिपोर्टर को नेट पर अश्लील साइट टटोलते हुए कुछ ऐसे क्लिप मिले जो दिल्ली मेट्रो के हैं। खबर यह बनाई गई कि दिल्ली मेट्रो में लगे वीडियो कैमरे की क्लिपिंग अश्लील साइट पर है या यह कैसे लीक हुई।

मेरा मानना है कि अश्लील वीडियो क्लिप किसी अश्लील साइट पर ही पहुंचेगी और इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। मुद्दा यह है कि क्लिप लीक किए जाने का मामला 2011 से चल रहा है। यानी वीडियो देखने और रिकॉर्ड करने वालों को मालूम है कि दिल्ली मेट्रो में ऐसा होता है और आज ही नहीं हुआ, 2011 से हो रहा है। उसे रोका क्यों नहीं गया, रोकने के लिए क्या किया गया आदि। इस लिहाज से देखें तो दिल्ली मेट्रो के साथ-साथ इसकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सीआईएसएफ दोनों दोषी हैं। लेकिन जल्दबाजी में खबर छापने के लिए दोनों को यह मौका दिया गया कि वे आरोप एक-दूसरे पर मढ़ दें और जाहिर है बचने की कोई संभावना हो तो उसका उपयोग भी दोषी कर ही लेंगे।

इस तरह, जो खबर छपी उससे कौन सा उद्देश्य पूरा हुआ? क्या यह जनहित था? मेरे हिसाब से इस खबर से जनता को सूचना दी गई कि अश्लील साइटों पर दिल्ली मेट्रो में अश्लील हरकत करते हुए दिल्ली के कुछ जोड़ों की क्लिप है। यह अश्लील साइटों का प्रचार हुआ। जो जोड़े दिल्ली मेट्रो में अश्लील हरकतें करते थे उन्हें चौकस कर दिया गया यह गलत काम करने वालों की तरफदारी हुई और तीसरे जो लोग वीडियो लीक कर रहे थे उन्हें संभलने का मौका दिया गया और दिल्ली मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थल पर अश्लील हरकत करने वालों के खिलाफ जो कार्रवाई होनी चाहिए थी नहीं हुई। यह सब जिनकी जिम्मेदारी है उन्होंने अपना काम नहीं किया पर खबर उनके खिलाफ नहीं बनी। आखिर दिल्ली मेट्रो में लगे वीडियो कैमरे में जो कुछ रिकार्ड होता है उसे देखने वाले उचित कार्रवाई नहीं करते हैं या नहीं समझते हैं कि कार्रवाई की जरूरत है तो क्या ऐसे लोगों को इन पदों पर बने रहने का अधिकार है। क्या ऐसे लोगों का विरोध नहीं होना चाहिए। जनहित यह नहीं है कि सार्वजनिक स्थल पर अश्लील हरकत करने वालों की तरफदारी की जाए। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के बजाय उन्हें संभलने का मौका दिया जाए।

वीडियो क्लिप लीक करने वाले ने गलती की। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए पर मुद्दा यह नहीं है। मुद्दा यह है कि इस क्लिपिंग पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। आज के हिन्दुस्तान टाइम्स में जो फॉलो अप छपा है उससे तो मामला खत्म होता लगता है। डीएमआरसी का कहना है कि एक क्लिप में दिल्ली मेट्रो में होने वाली घोषणा सुनाई दे रही है जबकि मेट्रो में लगे कैमरे में ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं होती है। संबंधित क्लिप में कैमरा जोड़े पर ही केंद्रित है जबकि दिल्ली मेट्रो में लगे कैमरे हिलते-डुलते और जूम करते रहते हैं। डीएमआरसी के इन दावों से लगता है कि विवादास्पद क्लिप किसी यात्री के बनाए और अपलोड किए हैं। अगर ऐसा है तो हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर फिस्स हो गई। जबकि जरा सी सावधानी बरती गई होती तो यह पहले ही पता चल सकता था और तब जो खबर की जाती उसका एंगल कुछ और होता।

आप जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो में तस्वीरें लेना या वीडियोग्राफी करना मना है। अश्लील साइट पर हिन्दुस्तान टाइम्स की खोज – यह वीडियो अगर किसी यात्री का बनाया है तो मेट्रो के नियमानुसार वह भी दोषी है और मेट्रो के कैमरे में वीडियो बनाने वाले की भी तस्वीर रही होगी पर दिल्ली मेट्रो ने इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की है और हिन्दुस्तान टाइम्स अलग ही राग अलाप रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स की मूल खबर में डीएमआरसी ने क्लिप लीक होने का जिम्मा सीआईएसएफ पर और सीआईएसएफ ने डीएमआरसी पर डाल दिया था। और अखबार ने इस संबंध में फैसले की जिम्मेदारी पाठकों पर छोड़ दी थी। आज की खबर से लग रहा है कि यह किसी तीसरे ने किया है और डीएमआरसी व सीआईएसएफ अपनी-अपनी जान बचा लेंगे और दोषी या असली अपराधियों (जिसने अश्लील हरकत की और जिसने वीडियो बनाया और अपलोड किया) पर कोई ध्यान ही नहीं देगा।

कायदे से डीएमआरसी और सीआईएसएफ में से जिसने भी ऐसे क्लिप देखे उन्हें सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने की एफआईआर करानी चाहिए थी। यह काम पहले ही हो गया होता तो अनावश्यक सनसनी नहीं फैलती। दूसरी ओर पत्रकारिता (या खबर) तब पूरी होती जब यह बताया जाता कि दिल्ली मेट्रो में कब, कहां, क्यों लोग ऐसी हरकत करते हैं, उसे रोकने के लिए क्या कुछ किया गया या क्यों नहीं किया गया और क्लिपिंग को साइट पर कैसे, कहां से या किसने कब अपलोड किया। इन विवरणों के बगैर खबर को जिस प्रमुखता से छापा गया है उससे मुफ्त में अच्छी खबर छापने की जल्दबाजी दिखती है।

लेखक संजय कुमार सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं. जनसत्ता समेत कई अखबारों में प्रमुख पदों पर काम कर चुके हैं. काफी वक्त से स्व-उद्यमी हैं और अनुवाद का काम संगठित तौर पर करते हैं. उनसे संपर्क [email protected] या 09810143426 के जरिए किया जा सकता है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...