जागरण समूह के अखबार आई नेक्स्ट से खबर है कि यहां से स्ट्रिंगरों को हटा दिया गया है. कुछ यूनिटों में स्ट्रिंगर के रूप में रिपोर्टर तथा कैमरामैन दोनों कार्यरत थे, परंतु प्रबंधन ने खर्च कम करने के नाम पर इन्हें हटा दिया है. मंथली स्टार अवार्ड भी बंद किए जाने की चर्चाएं हैं. इसमें कई यूनिटों में नवम्बर माह से ही अवार्ड का पैसा विनर कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि स्टार अवार्ड बंद नहीं किया गया है बल्कि कुछ कारणों से यह स्थगित है. इसे जल्द शुरू किया जाएगा.
आई नेक्स्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने छंटनी के नाम पर यह पूरी कार्रवाई की है. जुलाई महीने के बाद किसी भी यूनिट में स्ट्रिंगर नहीं रखे जाएंगे. जिन यूनिटों में दो कैमरामैन थे, वहां स्ट्रिंगर के रूप में कार्यरत कैमरामैन को हटा दिया गया है. अब रिपोर्टरों को ही छोटे-छोटे कैमरे दे दिए गए हैं. रिपोर्टर ही अपने कार्यक्रमों की फोटोग्राफी भी करेंगे. प्रबंधन ने यह भी तय किया है कि अखबार को निकालने के लिए प्रत्येक यूनिट में अब इंचार्ज के अलावा छह रिपोर्टर, तीन डेस्क कर्मी तथा तीन ले आउट कर्मचारी तथा एक फोटोग्राफर ही नियुक्त रहेंगे. इतने स्टाफ के सहारे ही यह टैबलाइड निकाला जाएगा.
माना जा रहा है कि इस अखबार से अपेक्षानुरुप सफलता नहीं मिलने के बाद प्रबंधन ने यह फैसला लिया है. आमदनी अठन्नी खर्च रुपैया की तर्ज पर चल रहे इस अखबार की लागत खर्च घटाने के लिए ही प्रबंधन ने छंटनी तथा सीमित स्टाफ रखने का रास्ता अपनाया है. एक दो यूनिटों को छोड़कर बाकी सभी जगह का हाल चाल एक जैसा ही है. कई यूनिटों में इस अखबार को जागरण के साथ कंबो पैकेज के रूप में बेचा जा रहा है, इसके बाद भी इसके सर्कुलेशन में अपेक्षित बढ़त नजर नहीं आ रही है.





