उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने बांदा के पत्रकार शशांक शुक्ला की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा रते हुए प्रदेश सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। समिति के एक प्रतिनिधि मंडल ने आज पुलिस महानिरीक्षक आरके विश्वकर्मा से मुलाकात कर इस मुद्दे पर कड़ी कारवाई की मांग की। श्री विश्वकर्मा ने समिति को हत्या की जांच एसटीएफ से कराए जाने का आश्वासन दिया है।
इस मुद्दे को लेकर आक्रोशित बांदा, हमीरपुर और महोबा के पत्रकारों के आंदोलन को पूरा समर्थन देते हुए समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने मांग की कि दिवंगत परिवार के सदस्यों को सरकार 20 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दे।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर प्रदेश भर में हो रहे हमलों को लेकर समिति पहले भी सरकार को अपनी चिंता से वाकिफ करा चुकी है। तिवारी ने कहा कि हालांकि इस संबंध में प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र भेज कर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था, पर उक्त का पालन होता नही दिख रहा है।
समिति कल इस मद्दे पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह से मुलाकात करेगी और कड़ी कारवाई न होने की दशा में मुख्यमंत्री से मिल कर अपनी मांगों को रखेगी। पुलिस महानिरीक्षक से मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष सत्यवीर सिंह, सचिव सिद्धार्थ कलहंस, श्रीधर अग्निहोत्री, अविनाश मिश्रा सहित कई पत्रकार शामिल थे।





