इलाहाबाद। यूपी में सत्ता के बल पर गुंडई करने की प्रवृत्ति चरम पर है। सपा के सांसद विधायक और मंत्री जिन पर व्यवस्था को बेहतर चलाने व लागू करने का दारोमदार है, वे खुद कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं। उनके लगुए-भगुए कानून का चीरहरण खुलेआम कर रहे हैं। सरकार चलाने वाले ‘सरकार-बहादुर’ लोग पूरी तरह से ‘मूंदहु आंख कतौ कुछ नाहीं’ की भूमिका में हैं।
इलाहाबाद के यमुनापार में एक डिप्टी एसपी और थाने की जीप चालक पर ट्रैक्टर चढ़ाकर दोनों को जान से मार डालने की कोशिश की गई। सतर्कता के चलते वे बाल-बाल बच गए। जानलेवा हमला करने वाला सपा के वरिष्ठ नेता व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह का खास है।
कार्रवाई करने के नाम पर खाकी को मजबूरन खून का घूंट पीते हुए बैकफुट पर आना पड़ा। ट्रैक्टर चालक ने डिप्टी एसपी समेत अन्य कई पुलिस वालों को वर्दी उतरवा लेने की सरेआम धमकी दी। उसे पकड़कर पुलिस थाने लाई। थाने में ऊपर से फोन आने लगा। दबाव का नतीजा था कि थोड़ी ही देर में थाने से ट्रैक्टर चालक को छोड़ना पड़ा। वाकया 18 जुलाई के रात का है। यमुनापार के घूरपुर थाना क्षेत्र के अमिलिया गांव का सिलवंत यादव वन माफिया है। वह दिखाने के लिए लकड़ी का कारोबार करता है। उसके खिलाफ दर्जनों आपराधिक मुकदमे थाने में दर्ज हैं।
18 जुलाई की देर रात सिलवंत यादव का भतीजा सुनील यादव ट्रैक्टर ट्राली पर लकड़ी लादकर जा रहा था। ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही ने बिना नंबर का ट्रैक्टर देखकर उसे रोका और कागजात मांगे। ट्रैक्टर चालक कागज दिखाने के बजाए उस सिपाही को वर्दी उतरवा देने की धमकी देने लगा। थोड़ी देर बाद उसने सिपाही से गाली गलौज शुरू कर दी। इस बीच वहां लोगों की काफी भीड़ लग गई। बात आगे बढ़ी तो ट्रैक्टर चालक ने खुद को सपा सांसद का खास बताते हुए सिपाही को औकात में रहने की ताकीद की। दबाव बनाकर ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर लेकर वहां चला भी गया।
खिसियाये सिपाही ने एसओ घूरपुर का काम देख रहे श्वेताभ पांडेय को घटना की जानकारी दी। तेज तर्रार समझे जाने वाले अंडर ट्रेनी डिप्टी एसपी श्वेताभ पांडेय इन दिनों घूरपुर एसओ की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। जानकारी पाकर वे जीप लेकर मौके पर आए। ट्रैक्टर की खोजबीन शुरू हो गई। इरादतगंज के पास ट्रैक्टर दिख गया। ट्रैक्टर रोकने की कोशिश करने पर ट्रैक्टर चालक ने जीप पर ट्रैक्टर चढ़ाकर डिप्टी एसपी और जीप चालक को कुचलने की कोशिश की।
सतर्क श्वेताभ पांडेय और जीप चालक दोनों गाड़ी से कूदकर बच गए। थाने की जीप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस वाले ट्रैक्टर और उसके चालक को पकड़कर थाने ले आए। थाने में जांच पड़ताल करने पर चला कि इलाके में वन माफिया के रूप में कुख्यात सिलवंत यादव का भतीजा सुनील यादव ट्रैक्टर ट्राली पर गैरकानूनी तरीके से लकड़ी लादकर जा रहा था। बिना नंबर के ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन पेपर भी नहीं थे। ट्रैक्टर को सीज करने के बाद सुनील यादव पर कार्रवाई शुरू हो गई पर तब तक ऊपर से दबाव पड़ने लगा।
थाने में सिफारिशी फोन भी लगातार आ रहे थे। सत्ता की हनक के आगे पुलिस को घुटने टेकने पड़े। ट्रैक्टर चालक को थाने से बाइज्जत रिहा करना पड़ा। डिप्टी एसपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि संयोग से जान बच गई। कार्रवाई क्यों नहीं हुई के सवाल पर वे चुप्पी साध गए। काफी कुरेदने के बाद भी वे कुछ न कह सके। सत्ता की जिम्मेदार कुर्सी पर बैठे हे ‘भाग्य विधाताओं’ यह मामूली नहीं, बल्कि गंभीर घटना है। इसे देखिए समझिए और चाहें तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके, इसके लिए प्रभावी कार्रवाई भी करिए।
इलाहाबाद से शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट





