Vivek Singh : एसपी सिटी इलाहाबाद शैलेश यादव को प्रदेश की एकमात्र यादव फेमिली को खुश करने की इतनी जल्दी थी कि वो जिन २२ छात्रों को गिरफ्तार कर के ले गए उनमें से एक व्यक्ति ऐसा भी है जो कि छात्र ही नहीं है| उसका नाम है एहसान अहमद और वो टेम्पो चलाता है| चलो एक बार मान भी लिया जाय कि भीड़ में पकड़ लिया होगा लेकिन जब मुकदमा पंजीकृत करवा रहे थे तब तो पूछा होगा या चाहिए था|
आज हम लोग सभी छात्रों से जेल में मिलने गए तो एहसान से भी मुलाकात हुई| हम लोग एहसान की भी जमानत करवाएंगे और पहली बार में उसकी जमानत करवाई भी गयी| लेकिन क्या इस तरह भेदभावपूर्ण कार्यवाही करने वाले अधिकारियों पर भी कोई कार्यवाही होगी| इसके लिए हाईकोर्ट जाने का विचार है ताकि ऐसे पूर्वाग्रही और बीमार मानसिकता के अधिकारियों को सबक सिखाया जा सके|
इलाहाबाद के छात्र विवेक सिंह के फेसबुक वॉल से.





