: कानाफूसी : जागरण प्रबंधन ने मजीठिया बोर्ड की सिफारिशों के बाबत तैयारी शुरू कर दी है। हर एडिशन में सम्पादकीय सहयोगियों की संख्या निर्धारित कर दी है। अगर कोर्ट से राहत नहीं मिली तो बड़ी संख्या में लोगों को बाहर का रास्ता तो दिखाया जा सकता है, साथ ही जो लोग काम करेंगे उनपर जमकर बोझ डालने की भी तैयारी है।
मजीठिया बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने के लिए जो खाका सम्पादकीय सहयोगियों की संख्या का तैयार किया है उसके मुताबिक एक यूनिट में एक सीनियर सब एडिटर तथा तीन सब एडिटर होंगे जो पेजिनेशन से लेकर ट्रांसलेशन, खबरों की एडिटिंग और संपादन का काम भी उन्हें ही करना होगा। रिपोर्टरों की संख्या भी पांच या छह से ज्यादा नहीं होगी। जाहिर है इससे लोगों का पैसा तो बढ़ेगा ही लेकिन काम का बोझ भी डाला जाएगा। कुल मिलाकर बोझ मीडिया संस्थानों पर नहीं पत्रकारों पर ही बढ़ेगा। मैं अपील करना चाहूंगा माननीय वेज बोर्ड को कि वह इस दिशा में भी कुछ दिशा निर्देश दें। ताकि पत्रकारिता केवल अखबार के पन्ने भरने तक सीमित ना रह जाए।
एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.





