नई दिल्ली : टीवी चैनलों की दर्शक संख्या के बारे में टैम के आंकड़ों का विवाद सुलझ गया है। ब्रॉडकास्टर्स, ऐड देने वाले और रेटिंग एजेंसी के बीच सहमति बनी है, जिसके तहत दर्शक संख्या के आंकड़े प्रतिशत के बजाय संख्या के आधार पर जारी किए जाएंगे। टैम का कई प्रसारकों के साथ उसकी रेटिंग को लेकर विवाद रहा है। टैम की टीवी और ऐड इंडस्ट्री के साथ इस बात को लेकर सहमति बनी कि वह संख्या (हजारों में) ही टेलिविजन रेटिंग (टीवीटी) जारी करेगा।
भारतीय प्रसारण महासंघ (आईबीएफ) और भारतीय विज्ञापन एजेंसियां संघ (एएएआई), इंडियन सोसायटी ऑफ ऐडवर्टाइजर्स (आईएसए) और टैम द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि टीवीटी निश्चित संख्या में टीवी दर्शकों के आंकड़े दिखाता है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध टीवीटी एकमात्र रेटिंग होगी। आंकड़ों के प्रस्तुतीकरण के नए तरीके से ऐसे चैनलों को फायदा होगा, जो क्षेत्रीय स्तर के हैं और जिनके दर्शकों की संख्या काफी सीमित है। प्रसारण उद्योग के एक सदस्य ने कहा कि ये चैनल अब अपने दर्शकों की संख्या दिखा सकेंगे। इन चैनलों के दर्शकों की संख्या हालांकि ठीक-ठाक होती है, लेकिन प्रतिशत में आंकड़े जारी होने पर उनके बारे में ठीक से पता नहीं चल पाता। साप्ताहिक आंकड़ों के अलावा टैम द्वारा हर हफ्ते चार हफ्ते के टीवीटी का ऑप्शन भी दिया जाएगा। हालांकि टैम टीवीआर का साप्ताहिक प्रतिशत लाना जारी रखेगा, जैसा कि वह पहले करता रहा है, लेकिन इसे सिर्फ इंडस्ट्री को उपलब्ध कराया जाएगा। (भाषा)





