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किरण बेदी ने राजदीप और उनके चैनल की गलती की तरफ इशारा किया, राजदीप ने शालीनता से गलती सुधारी

Vineet Kumar : आज के शो में किरण बेदी ने जितने आवेश में राजदीप सरदेसाई और उनके चैनल की गलती की तरफ इशारा किया, राजदीप ने उतनी ही शालीनता से अपनी गलती सुधारी..उनका ये अंदाज अच्छा लगा. दरअसल राजदीप और सीएनएन-आइबीएन अधिकारी की जिम्मेदारी को बार-बार आदर्श बताते आ रहे हैं.( शायद आगे अब न करें.) शो खत्म ही होनेवाला था कि किरण बेदी ने टोका- राजदीप,यू एंड योर चैनल ऑल्वेज यूज द वर्ड आइडियलिस्टिक, इट्स नॉट द इश्यू ऑफ टू वी आइडियलिस्टक ऑर समथिंग एल्स, इट्स द इश्यू ऑप द ड्यूटी.करेक्ट इट फस्ट. राजदीप ने न कवेल इसके लिए सॉरी कहा बल्कि उस पंक्ति को दोबारा सुधारकर आइडियलिस्टिक की जगह ड्यूटी शब्द का इस्तेमाल किया.

Vineet Kumar : आज के शो में किरण बेदी ने जितने आवेश में राजदीप सरदेसाई और उनके चैनल की गलती की तरफ इशारा किया, राजदीप ने उतनी ही शालीनता से अपनी गलती सुधारी..उनका ये अंदाज अच्छा लगा. दरअसल राजदीप और सीएनएन-आइबीएन अधिकारी की जिम्मेदारी को बार-बार आदर्श बताते आ रहे हैं.( शायद आगे अब न करें.) शो खत्म ही होनेवाला था कि किरण बेदी ने टोका- राजदीप,यू एंड योर चैनल ऑल्वेज यूज द वर्ड आइडियलिस्टिक, इट्स नॉट द इश्यू ऑफ टू वी आइडियलिस्टक ऑर समथिंग एल्स, इट्स द इश्यू ऑप द ड्यूटी.करेक्ट इट फस्ट. राजदीप ने न कवेल इसके लिए सॉरी कहा बल्कि उस पंक्ति को दोबारा सुधारकर आइडियलिस्टिक की जगह ड्यूटी शब्द का इस्तेमाल किया.

दरअसल ड्यूटी की जगह जैसे ही हम आइडियलॉजी या आइडियलिस्टिक शब्द का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही हम ये अर्थ प्रसारित करना चाहते हैं कि ये व्यावहारिक नहीं है जबकि सच्चाई ये है कि अगर ड्यूटी करना, अपनी ड्यूटी समझना ही व्यावहारिक नहीं है तो फिर सिस्टम के दुरुस्त होने की संभावना का क्या होगा ? अच्छा है, न्यूज चैनलों में इस तरह से एक के बाद एक शब्द रिप्लेस करके मनमाने शब्द प्रयोग करके अर्थ रिड्यूस किए जाते हैं, उन पर वक्त-वेवक्त रोक-टोक होती रहे.

युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार के फेसबुक वॉल से.

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