तीन अंतरराष्ट्रीय मैग्जीनों पीपल, मैरी क्लेयर और जियो को भारत में प्रकाशित कर रहे आउटलुक समूह ने इन तीनों मैग्जीनों को भारत में बंद कर देने की घोषणा करते हुए इसमें कार्यरत करीब सौ से ज्यादा लोगों को सड़क पर ला दिया. इन कर्मियों को न तो पहले सूचित किया गया, न ही एडवांस सेलरी दी गई और न ही इनका बकाया दिया जा रहा है. इस कदम से नाराज कर्मी कोर्ट चले गए. पीपल मैग्जीन के निकाले गए कर्मचारियों ने मुंबई लेबर कोर्ट में एक याचिका दायर की है.
याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आउटलुक ग्रुप को आदेश दिया कि बिना कानूनी प्रक्रिया पूरा किए कर्मियों को बर्खास्त न किया जाए. इस आदेश की प्रति कोर्ट की तरफ से आउटलुक ग्रुप प्रेसीडेंट इंद्रनील राय और एडिटोरियल चेयरमैन विनोद मेहता के पास भेज दिया गया है.
याचिकाकर्ताओं की तरफ से कोर्ट में एडवोकेट अनीस एस काजी उपस्थित हुए और कर्मियों का पक्ष रखा. मंगलवार की सुबह दायर याचिका पर संज्ञान लेते हुए मुंबई लेबर कोर्ट के जज पीके चिटनीस ने आउटलुक प्रबंधन को स्टेटस-को यानि यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया. साथ ही कर्मियों की सेवा भी जारी रखने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि कानूनी व तयशुदा प्रक्रियाओं का पालन किए बिना कर्मियों को बर्खास्त नहीं किया जा सकता.
मूल खबर-
आउटलुक समूह ने तीन मैग्जीनों को बंद किया, सौ से ज्यादा कर्मी बर्खास्त





