दैनिक भास्कर, कोटा के पहले और मशहुर संवाददाता दादा ओम कटारा ने भास्कर से इस्तीफा दे दिया है। खबर है कि इस्तीफा मंजूर भी हो गया है। सधी और सटीक रिपोर्टिंग की पहचान रखने वाले दादा ओम कटारा पिछले १३ साल से भी ज्यादा समय से भास्कर से जुड़े रहे हैं। वे कोटा में तब से रिपोर्टिंग कर रहे हैं जब भास्कर के मालिक रमेश अग्रवल को हर चीज़ की सीधे रिपोर्टिंग की जाती थी।
पूरा कोटा शहर जिन्हें सम्मान और आदर भाव से दादा बुलाता है, ऐसे दादा कटारा को नाखुश होकर इस्तीफा देना पड़ा। दादा पिछले साल ही ६० बरस के हो गए थे और भास्कर के आग्रह पर वे रिपोर्टिंग कर रहे थे। उन्हें इस बात का अफ़सोस था
कि श्रवण गर्ग, कल्पेश याग्निक, नवनीत गुर्जर, ओम गौड़ जैसे कई वरिष्ठ संपादकों के साथ काम करने के बाद भी उनके बाद आए भास्कर ज्वाइन करने वाले कई जूनियरों को पदोन्नति दे दी गई परंतु वे जहां थे वहीं रह गए। उस पर एमपी से आए नए-नवेले संपादक द्वारा बार-बार ताने मारने के कारण वे कई महीनों से विचलित थे।
इसकी शिकायत उन्होंने कोटा संपादक रह चुके और अभी पूरे राजस्थान का कार्यभार देख रहे ओम गौड़ से भी की। जब उनका इन्क्रीमेंट गेट कीपर से भी कम सिर्फ 500 रुपए लगाया गया तो उन्होंने इन्क्रीमेंट की पर्ची मिलते ही सबसे पहले नाखुश होकर इस्तीफा दे डाला। फ़िलहाल कोटा भास्कर में इन्क्रीमेंट के मामले में सभी के हाल काटो तो खून जैसा हो रहा है। रिपोर्टिंग टीम और डेस्क पर जल्द ही बड़े बदलाव होने की सम्भावना नजर आ रही है।





