छह साल पहले धमाकेदार एंट्री करने वाले डीएलए का विस्तार अब सिमटने लगा है। चार दमदार कर्मियों को हटाए जाने के बाद डीएलए के सरकुलेशन पर बुरा असर पड़ा है। नोएडा में दो माह पहले कार्यालय बंद कर दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद दिल्ली में 16 में से 13 कर्मियों को हटा दिया गया। उसके बाद गाजियाबाद में चार कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इनमें दो सरकुलेशन से जुड़े लोग थे।
इसका नतीजा यह रहा है कि गाजियाबाद में अधिकांश स्थानों से एजेंसियां बंद हो गई। नवयुग मार्केट और तुराबनगर जैसे स्थानों पर बढ़िया सरकुलेशन बंद हो गया। सिर्फ कंप्लमेंट्री कापी आ रही है। मोदीनगर, मुरादनगर, पिलखुवा, सिंभावली, बहादुरगढ़ में अखबार बंद हो गया। गुलावठी में दो सौ कापियां गिर गई। गढ़ में 50 से ऊपर कापियां बंद हो गईं। साहिबाबाद में सरकुलेशन बंद हो गया। मात्र दस कापियां जा रही हैं वो भी कंप्लीमेंट्री हैं। इतना सब कुछ होने के बाद सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो दिन दूर नहीं जब अखबार के कार्यालय में ताला लग जाएगा।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





