लंबे समय से इंक्रीमेंट का लॉलीपॉप देते हुए आखिर में दैनिक भास्कर मैनेजमेंट ने इंक्रीमेंट की सूची जारी कर दी। लेकिन इंक्रीमेंट को लेकर पत्रकारों में बेहद नाराजगी है। औने-पौने इंक्रीमेंट कर मैनेजमेंट यह जताने की कोशिश कर रहा है जैसे उसने बड़ा एहसान किया है। मात्र 500 से लेकर 6 हजार तक का इंक्रीमेंट हुआ है। बताया जाता है कि इनक्रीमेंट में नेशनल एडीटर कल्पेश याज्ञनिक की ही चली है।
कल्पेश ने पता नहीं किस खुन्नस में बेहद कंजूसी से इंक्रीमेंट किए हैं। जबकि सभी संपादकीय विभाग के लोगों को चेयरमैन सुधीर अग्रवाल का व्यक्तिगत पत्र प्राप्त हुआ था जिसमें उन्होंने बड़ा मीठा बनते हुए लिखा था- ''साथियों, आपको इंक्रीमेंट देते हुए संस्थान अति प्रसन्न है, यह आपकी कड़ी मेहनत और भास्कर के प्रति ईमानदारी का सबूत है।'' इस इनक्रीमेंट से दुखी होकर कुछ बड़े लोग जो अब तक कल्पेश याज्ञनिक के मुंह लगे थे, वे भास्कर को अलविदा कहने वाले हैं।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





