Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

प्रकाश हिंदुस्तानी जी, भगवान के लिए पत्रकारों को कोसना बंद करिए

: कहां से लाआगे एक्‍सप्रेस ग्रुप के रामनाथ गोयनका और नईदुनिया ग्रुप के नरेंद्र तिवारी : यशवंत जी हाल ही में भड़ास में दो आलेख देखे और दोनों को देख कर गहरा दुख हुआ.. पत्रकारों पर भड़ैती और दलाली का आरोप लगाते हुए उन्‍हें गाली देना एक रवायत होता चला जा रहा है.. आदरणीय प्रकाश हिंदुस्‍तानी एक ईमानदार पत्रकार हैं लेकिन किसी भी पत्रकार को स्‍वीपिंग स्‍टेटमेंट देने से बचना चाहिए.. जहां तक मध्‍यप्रदेश में मीडिया के राज्‍य की भाजपा सरकार की चरणवंदना करने का आरोप है तो यह पूरी तरह गलत है.. बीते डेढ़ दो माह से राज्‍य के अखबार और टेलीविजन चैनल उन खबरों से अटे पड़े हैं जिनसे मप्र की भाजपा सरकार परेशान है..

: कहां से लाआगे एक्‍सप्रेस ग्रुप के रामनाथ गोयनका और नईदुनिया ग्रुप के नरेंद्र तिवारी : यशवंत जी हाल ही में भड़ास में दो आलेख देखे और दोनों को देख कर गहरा दुख हुआ.. पत्रकारों पर भड़ैती और दलाली का आरोप लगाते हुए उन्‍हें गाली देना एक रवायत होता चला जा रहा है.. आदरणीय प्रकाश हिंदुस्‍तानी एक ईमानदार पत्रकार हैं लेकिन किसी भी पत्रकार को स्‍वीपिंग स्‍टेटमेंट देने से बचना चाहिए.. जहां तक मध्‍यप्रदेश में मीडिया के राज्‍य की भाजपा सरकार की चरणवंदना करने का आरोप है तो यह पूरी तरह गलत है.. बीते डेढ़ दो माह से राज्‍य के अखबार और टेलीविजन चैनल उन खबरों से अटे पड़े हैं जिनसे मप्र की भाजपा सरकार परेशान है..

हाल ही में तो सरकार के अहम सलाहकारों में गिने जाने वाले एक वरिष्‍ठ अधिकारी झुंझला कर यह कहते भी सुने गए कि मीडिया विज्ञापन हमसे ले रहा है लेकिन ज्‍यादा खबरें विपक्ष की छाप रहा है.. विस्‍टन चर्चिल ने कहा था कि मीडिया स्‍वभाव से हमेशा विपक्ष में ही होता है .. यही वजह है कि मीडिया की सुर्खियां हमेशा ऐसी खबरें होती हैं जो घपले, घोटाले, अनियमितताओं और सत्‍ता पक्ष की नाकामियों से जुड़ी होती हैं.. रही बात चरण वंदना की तो चंद हजार रूपए और जरा सी बात पर नौकरी गंवा देने के खतरे से जूझने वाले पत्रकार से यह उम्‍मीद रखना क्‍या ज्‍यादती नहीं है कि सत्‍ता के खिलाफ विरोध का परचम वही अपने कंधे पर रख कर चले.. बिल्‍डर, बिजनेसमैन और नेताओं के पिठ्ठू रहे धनकुबेर अखबार और चैनल शुरू करें और सत्‍यनिष्‍ठा की अपेक्षा उस पत्रकार से की जाए जिसकी नौकरी मालिकान और राजनेताओं के निशाने पर होती है..

मप्र के एक पड़ोसी राज्‍य में वहां के मुख्‍यमंत्री से सीधे सवाल पूछने का हक पत्रकारों को नहीं होता था.. हालत यह थी कि अगर प्रेस कांफ्रेंस में सीएम से सवाल किया जाता तो वहां के सीपीआर (जनसंपर्क आयुक्‍त) तुरंत दौड़ कर उस पत्रकार के पास आते और यह कहते कि आपको पता नहीं है कि माननीय सीएम से सीधे सवाल नहीं करना है.. आप अपना सवाल लिख कर दीजिए आपको लिखित जवाब मिल जाएगा.. राजनीति के गढ़ कहे जाने वाले उत्‍तरप्रदेश के एक पड़ोसी राज्‍य के एक दिग्‍गज सीएम के बारे में तो यह खुलेआम कहा जाता है कि अगर उस राज्‍य में कोई पत्रकार सीएम से पंगा लेता है तो उसका वहां रुकना संभव ही नहीं होता..

लेकिन मप्र की राजनीति सहिष्‍णु राजनेताओं की परंपरा वाली राजनीति है.. यहां पत्रकारों को बोलने की पूरी आजादी है और सीएम सहित पक्ष विपक्ष के राजनेता प्रेस के प्रति आदरभाव रखते हैं.. राजधानी भोपाल की पत्रकार वार्ताओं में होने वाले तीखे सवाल नेताओं को छील कर रख देते हैं लेकिन उनकी भी दाद देनी होगी कि इसके बाद भी अपवादस्‍वरूप ही अप्रिय स्थितियां निर्मित होती हैं.. नईदुनिया के यशस्‍वी संपादक दिवंगत राजेंद्र माथुर ने कभी दुखी होकर कहा था कि अब हम पत्रकार नहीं मुंशी ही कहलाए जाने के अधिकारी हैं .. ऐसा उन्‍होंने इसलिए कहा था कि नईदुनिया के संस्‍थापकों में शामिल नरेंद्र तिवारी जैसे मालिकों का युग खत्‍म हो चला था जिनके लिए अखबार निष्‍पक्षता का मंदिर होता था..

मत भूलिए जनसत्‍ता जैसे धारदार अखबार के कर्त्ताधर्त्ता रहे रामनाथ गोयनका को जिन्‍होंने प्रभाष जोशी जैसे तेजस्‍वी संपादक को पत्रकारिता करने की पूरी छूट दी.. आज भी आप एक गोयनका और तिवारी ले आइए फिर देखिए सरस्‍वतीपुत्रों को कलम क्‍या आग उगलती है.. लेकिन भगवान के लिए पत्रकारों को कोसना बंद करिए.. यही एक ऐसा व्‍यवसाय है जहां पत्रकार ही पत्रकार का दुश्‍मन है.. यही वजह कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से भी अधिक दुर्दशा पत्रकारों की है..

अजय सिंह

रायसेन

(मप्र )


संबंधित खबरें-

शिवराज की जनआशीर्वाद यात्रा के आगे नतमस्तक हुआ मप्र का मीडिया, क्या ये पेड न्यूज नहीं?

हिंदी के रीजनल न्यूज चैनलों का एकमात्र काम अपने राज्य के मुख्यमंत्री की जय जय कार करना


भड़ास4मीडिया तक सूचनाएं जानकारियां [email protected] के जरिए भेजें.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...