खबर भारती न्यूज चैनल दम तोड़ता नजर आ रहा है. यहां दो महीने से सेलरी नहीं मिली है इंप्लाइज को. प्रबंधन लगातार बेहूदा व्यवहार अपने कर्मियों के साथ कर रहा है. कल मार्निंग शिफ्ट में कर्मियों ने काम करने से मना कर दिया. एंकर ने बुलेटिन करने से मना कर दिया. कर्मचारी जब सेलरी के लिए मैनेजमेंट से बात करते हैं तो प्रबंधन उन्हें अगले दिन की बात कह कर टाल देता है और फिर अगला दिन कभी नहीं आता.
अगले दिन बात करने पर फिर अगेल दिन का दिलासा दिया जाता है. सेलरी न मिलने और प्रबंधन के टाल-मटोल के रवैये से खफा खबर भारती के कर्मी कल रिसेप्शन पर इकट्ठा हुए और चैनल हेड प्रज्ञान भट्टाचार्या, यतेंदर यादव (आपरेशन हेड) से बात करने की कोशिश की पर दोनों ने ही कर्मियों से बात करने से इनकार कर दिया.
इन दोनों ने खुद को अपने कर्मियों के दुख-सुख से अलग कर रखा है. आखिरकार कर्मचारियों ने सीधे सीएमडी से बात की. बाद में एचआर की तरफ से कर्मियों को संदेश दिया गया कि अगले दो दिन में अच्छी खबर मिल जाएगी, यानि सेलरी मिलने की संभावना है. इस बीच एक खास बात यह रही कि प्रज्ञान के कुछ खास कहे जाने वाले लोग कर्मियों का साथ देने की बजाय पूरे वक्त केबिन में छिपे रहे. उनमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि वे अपने साथियों का साथ देते.
इस बीच मध्य प्रदेश से मिली सूचना के मुताबिक खबर भारती न्यूज चैनल से कर्मियों का छोड़ कर जाने का सिलसिला जारी है. एमपी के करीब आधा दर्जन स्ट्रिंगर खबर भारती छोड़ कर आईबीसी 24 ज्वाइन कर चुके हैं. तीन राज्यों के न्यूज चैनल खबर भारती के कई स्ट्रिंगरों का चुनावी साल में इस्तीफा देना चैनल के लिए झटका है.
प्रबंधन की तरफ से स्ट्रिंगरों, रिपोर्टरों, ब्यूरो चीफों को नोएडा बुला कर मीटिंग की गई और चुनावी रणनीति बनाई गई. राज्यों में जिन जिलों से स्ट्रिंगरों ने काम छोड़ा है वहां नए दुधारू कमाउ स्ट्रिंगरों को रखने का फैसला लिया गया है. साथ ही एमपी में खाली जगह भरने का जिम्मा चैनल के मैनेजमेंट ने एमपी मार्केटिंग हेड पंकज भदौरिया को दिया है जो अब हर जिले में दूध देने वाले लोगों की तलाश कर रहे हैं.
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