एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने पिछले दिनों कहा, अगर अशोक गहलोत को लगेगा कि राजस्थान में कांग्रेस फिर सत्ता में आ रही है और उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा रहा है तो वह खुद ऐसे हालात कर देंगे कि कांग्रेस अगले तीन चुनाव राजस्थान में नहीं जीत सकती। गहलोत ने हाल ही में हुए अजमेर दौरे में जो कुछ कहा और किया उससे तो कमोबेश ऐसे ही संकेत मिलते हैं कि कहीं ना कहीं कुछ ऐसा है जिसे सामान्य नहीं कहा जा सकता। पत्रकारों के परम सखा माने जाने वाले गहलोत देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे अजमेर पहुंचे। सर्किट हाउस में पुलिस, प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के साथ बेचारे पत्रकार और कैमरामैन भी ड्यूटी पर थे।
अपना दुखड़ा सुनाने आए नागरिक खासी तादाद में जुटे थे। जैसे ही गहलोत आए उनके आगे कैमरामैन फोटो उतारने उमड़ पडे़। एक्सक्लुसिव फोटो के चक्कर में भास्कर का एक कैमरामैन उनके आगे-आगे चलने लगा ताकि कोई अच्छा सा फोटो उतार सके। अप्रत्याशित रूप से गहलोत तेज कदमों से आगे बढ़े और फोटोग्राफर की पीछे से गर्दन पकड़कर एक ओर कर दिया। साथ में बोले, तुम पागल हो क्या, आगे-आगे चल रहे हो। हमेशा पत्रकारों-फोटोग्राफरों के कंधे पर हाथ रखने वाले गहलोत का गर्दन पर हाथ रखना सभी को अखरा। गहलोत कमरे में दाखिल हुए और खुद ही दरवाजा बंद कर लिया। थोड़ी देर में एक सज्जन भीतर से आए और सभी से माफी मांगते हुए बोले, कल सुबह आइएगा।
अगले दिन सुबह साढ़े दस बजे भी वही नजारा। इस बार निशाना बने राजस्थान पत्रिका के एक पत्रकार। बेचारे अपनी व्यक्तिगत समस्या सुनाने आए थे। किसी तरह गहलोत तक पहुंच गए। बोले, सर पांच साल पहले भी आपको यही समस्या बताई थी। आज तक कुछ नहीं हुआ। राज की नाकामी सुनकर गहलोत भड़क गए। ऐसे कैसे कह रहे हो। पत्रकार ने फिर कहा, सर सच है पांच साल पहले भी आपको बताया था, आज तक कुछ नहीं हुआ। गहलोत ने पत्रकार से ज्ञापन लिया और पास ही मौजूद जिला कलेक्टर वैभव गालरिया को सौंपते हुए बोले, तुम देखो, क्या मामला है। पत्रकार धन्यवाद देकर पीछे घूमा ही था कि फिर रात वाली हरकत, बेचारे पत्रकार की गर्दन पकड़ी और बोले, तुम पागल हो क्या, मेरे आगे-आगे चल रहे हो। बेचारा पत्रकार हक्का-बक्का रह गया। उसे भी यकीन नहीं आया कि क्या यह वही गहलोत है जो पत्रकारों के आगे झुके-झुके रहते थे।
गहलोत की इन हरकतों को वहां मौजूद हर पत्रकार और फोटोग्राफर ने देखा। कोई कुछ नहीं बोला। हां इतना जरूर हुआ कि एक तीसरे अखबार के संपादक ने उन्हें नाश्ते पर अपने घर बुलाया। अब जरा एक शाम पहले का नजारा देखिए। गहलोत अजमेर जिले के ब्यावर उपखंड में थे। ब्यावर लम्बे अरसे से जिला बनाए जाने की दावेदारी कर रहा है। कई धरना, प्रदर्शन
और बंद भी हो चुके हैं। कई सरकारें आश्वासन देती हैं परंतु किसी ने जिला बनाने की पहल नहीं की। ब्यावर में आम सभा के दौरान लोगों ने फिर गहलोत से जिला बनाने की मांग की। गहलोत भड़क उठे। बोले ऐसे कोई जिला बनता है क्या ? ऐसे तो राजस्थान में 52 जिले बन जाएंगे। इस बयान से आम आदमी तो छोड़िए कांग्रेसी खुद भौंचक रह गए।
पत्रकार, वकील और मीडिया विश्लेषक राजेंद्र हाड़ा की रिपोर्ट. संपर्क: 09829270160, 09549155160






