देहरादून की युवा और जनपक्षधर पत्रकार सुनीता भास्कर ने फिलहाल पत्रकारिता को बाय बाय करते हुए एमफिल करने वर्धा पहुंच गई हैं. इस बारे में उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर जो जानकारी शेयर की है, वह इस प्रकार है-
''देहरादून को एक साल के लिए आखिरकर अलविदा कह दिया.. साथ में पांच साला रूटीनी पत्रकारिता को भी… शायद समझ आने लगा था अब कि अखबार के पन्ने भरने के लिए बारह बारह घंटे की मगजमारी (कुल जमा खर्च इक्वल टू जीरो के साथ) अब खूब हो ली… आगे की जिंदगी ऐसे नहीं चलने वाली… बतौर महिला तो कतई नहीं.. इसीलिए एमफिल करने चली आई हूँ.. वर्धा महाराष्ट्रा…. अन्तराष्ट्रीय महात्मा गांधी हिंदी विश्व विद्यालय से पत्रकारिता में… पांच साल के गृहस्थ जीवन के बाद हास्टल का जीवन..मैस के टेबल पर पका पकाया ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर मिल जाने का सुख तो सबसे बड़ा है… उस पर खूब सारी लड़कियां तरह तरह के प्रदेशों की… निश्चय ही अच्छा ही बीतेगा एक साल..दुनियावी तामझाम से मुक्त यहाँ… लिखना पढना भी शायद अब तरीके से हो सकेगा…''






