Ak Pankaj : अंतरराष्ट्रीय महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में कार्यरत आदिवासी प्राध्यापक और युवा साहित्यकार Sunil Kumar 'suman' को आज निलंबित कर दिया गया है. इसे सवर्णों की कृपा न मानी जाए. जरूर इस आदिवासी प्राध्यापक ने ‘उच्च मानदण्डों’ को पूरा नहीं किया होगा. या वह पढ़ाने लायक नहीं रहा होगा.
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Anil Kumar Asur : अभी-अभी खबर आ रही है कि सवर्णों और ब्राह्मणवादियों के लिए आतंकवादी बन चुके Sunil Kumar 'suman' जो निलंबित कर दिया गया है. मैं उन्हें जनता हूँ उनकी हर गतिविधि ब्राह्मणवाद के खिलाफ होता है, उनका निकला जाना ही यह दर्शाता है कि उनके वार कितने घातक रहें होंगें. कविता का एक अंश है "हम शर्मिंदा हैं कि हम जिन्दा है"
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Samar Anarya : इसी बीच खबर आ रही है कि महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के उस पुलिसिये वीसी विभूति 'छिनाल' राय ने दलित-बहुजन संघर्षों में सशक्त हस्ताक्षर बड़े भाई Sunil Kumar 'suman' को निलंबित कर दिया है। सुनील भाई जेएनयू के दिनों से ही अपने नेता रहे हैं सो एक और लड़ाई शुरू मान ली जाय।
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Sunil Kumar 'suman : जो बोलेंगे वे मारे जाएंगे, जो घुटने नहीं टेकेंगे, बनाकर रखेंगे अपनी रीढ़ की हड्डी मजबूत, केंचुआ बनकर नहीं रहेंगे.. वे सब मारे जाएंगे। जो चिरकुटई, जोकरई और लंपटई से रहेंगे बहुत दूर, राग जय-जयवंती नहीं गाएँगे, जो आँख में आँख डालकर सच को सच और झूठ को झूठ कहेंगे..वे मारे जाएंगे। जो लोकतंत्र की बात करेंगे, हक-हुकूक की लड़ाई लड़ेंगे, वे सब साजिश के शिकार बनेंगे। फंसा दिए जाएंगे झूठे मामलों में, चढ़ा दिए जाएंगे सूली पर…जो वंचितों की आवाज़ बनेंगे, मारे जाएंगे… लेकिन मुझे मारनेवालो ! तुमलोग मुझे कभी नहीं मार पाओगे, क्योंकि मैं बोलना बंद नहीं करूंगा, अब मैं और ज्यादा ताकत से बोलूँगा, चीख-चीखकर बोलूँगा, चिल्लाऊंगा, खोलूंगा तुम्हारे सारे पोल..लड़ता रहूँगा तुम सब के फैलाए कीचड़ और बदबू के खिलाफ… गीदड़ो !! तुम सारे मिलकर भी शेर का शिकार कभी नहीं कर पाओगे….!!
उपरोक्त सभी के फेसबुक वॉल से.





