Yashwant Singh : सोच रहा हूं 'जानेमन जेल' किसको समर्पित करूं? जैसा अन्य लेखक करते हैं, किताब समर्पण का काम, वैसा मैं भी काम करना चाहता पर कायदे का कोई आदमी नहीं मिल रहा कि उसके नाम समर्पण करूं. माता पिता पत्नी बच्चों में से कोई इस लायक नहीं कि उनके बारे में अच्छा अच्छा लिखते हुए कहूं कि इनके बगैर किताब संभव नहीं था, इसलिए इनको समर्पित.. बचे, दोस्त मित्र तो ये साले ज्यादातर काम लगाने वाले हैं, दारू मुर्गा मेरे साथ थोड़ेंगे और मुश्किल वक्त आते ही पार्टी बदल लेंगे, इसलिए इनके नाम तो कतई नहीं..
गुरु और गार्जियन की बात करें तो इनकी संख्या इतनी अधिक है कि सबका नाम देना मुश्किल है और कई गुरु गार्जियन खुद नहीं चाहेंगे कि इनका नाम दिया जावै क्योंकि उनका कहना है कि गुरु गुड़ हो गया और चेला चीनी, इसलिए हे चेले, अब नाम वाम डालकर काहे बुढ़ापा खराब कराओगे, हम लोगों को चुपचाप मीडिया की नौकरी करने दो और पब्लिकली दूरी बनाए रखो… प्रेमिकाओं का नाम डाल सकता था कि इनके प्यार दुलार स्नेह के बगैर किताब को लगातार लिख पाना संभव नहीं था, सो इनको समर्पित पर ये 'कबिरा खड़ा बजार' में टाइप नहीं बनना चाहतीं, सो उधर से भी मना…
अंत में बचते हैं अपने तथाकथित दुश्मन. सो, विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी के नाम 'जानेमन जेल' का समर्पण कर दिया. आज किताब को फिनिशंग टच दिया गया .. शुरुआती एक खाली पन्ने के बीच में यह लिखकर कि… ''विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी को समर्पित, जिनके बगैर इस किताब की परिकल्पना संभव नहीं थी.''
ठीक किया न…!
Pawan Kumar bhadas ke naam
Shravan Kumar Shukla हाँ बढ़िया किया.. मुझे पसंद आया गुरु.. ! वैसे भी यह बात जरुर याद रखने योग्य है.. आखिर योगदान तो उनका ही है न? .. पवन जी.. इसमें भड़ास जैसी कोई बता नहीं.. जान-ए-मन जेल में तो जेल यात्रा वृतांत है.. कोने में बैठकर भड़ास जी वो वाला पेज पढ़ दो.! गुरु बेताब हूँ, !ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाया, लेकिन जल्द ही करना है.. कईयों का.! अभी 'माल' नहीं है न.!
Pushya Mitra पब्लिसिटी स्टंट में तो आमिर खान को भी मात दे रहे हैं भाई…
Braj Bhushan Dubey बधाई।
Yashwant Singh अबे श्रवण शुक्ला, उस दिन हजार की रंगदारी ले गए और कह रहे हो कि माल नहीं है
Shravan Kumar Shukla हाहाहा ! हजार की रंगदारी कितने दिन चलती है? हमें तो रोज उतनी खिलानी पड़ेगी.! पिछली बार जब आया था तो कुछ बचा ही नहीं था..! हाहाहा ! रंगदारी तो मोटी चाहिए, वह भी हर महीने.. जुगाड़ करता हूँ, कुछ-न-कुछ ! किसे धमकाउ? ..और 'माल' जो महीने में मिलता है वह दो महीने से नहीं मिला. उसी माल से ऑनलाइन शोपिंग की जा सकती है.! कैश में तो प्री-बुकिंग नहीं होती न? तो इन्तजार कर रहा हूँ!
Siddharth Pandey jiyo sir..adwitiya tatha tarksangat samarpan…
Yashwant Singh का करें पीयूष भाई.. कुछ न करें हम तो लोग गरियायेंगे कि साला दारूबाज झगड़ा रगड़ा करने वाला मुर्गाखोर इस लायक ही नहीं बचा कि कुछ कर सके… और कुछ करें तो आप जैसे लोग कहें कि भइया यो तो गजब का पब्लिसिटी स्टंट है… ये दुनिया बड़ी जालिम है .. न चुप रहने देगी और न बोलने…
Rising Rahul सौ टका सही जे बात
अइसन मारी जाती लात।
इनकी नहीं है कौनो जात,
इनको फ्री में भेजौ किताब।
Yashwant Singh श्रवण, इस बारे में Shailesh Bharatwasi जी से संपर्क साधो… वो शायद मदद कर दें तुरंत बिना कैश दिए बुकिंग कराने के मामले में… कल वो बता रहे थे इस बारे में…
Yashwant Singh Rising Rahul हा हा हा… सही सुझाव… इनको फ्री में भेजा किताब… यार जिनके नाम समर्पित किया है, उनको किताब तो देना ही पड़ेगा न… अब तो समर्पित कर के फंस गए हैं.. और, किताब का पैसा मांगूंगा तो वो कहेंगे कि फिर रंगदारी मांग रहा है … और, फिर रपट लिखाएंगे तब?
Shravan Kumar Shukla ठीक है. अभी करता हूँ. !शुभकाम में देरी कैसी?
Rising Rahul जादा कुछ ना होए… एक अऊर किताब समर्पित कर दी जाए…
Shravan Kumar Shukla राइजिंग राहुल दिख नहीं रहे.. वैसे साक्षी-कापड़ी को तो फ्री में भेजना चाहिए, रिसीब न करें तो कोई और रास्ता भी है. !!
Harishankar Sharma Vinod kaapdi ko hi samarpit kar dijiye. Usi ki krapa thi.
Danish Rizwan yashwant ji ye un dono dalalo ko hi samarpit kar dijiye jiske kripa se ye kitab likhi gaeee…
Srikant Saurav इसलिए तो मैंने लिखा था कि 'यशवंत ऐसे नहीं हैं कि धक्का दिया और टूट गए' http://bhadas4media.com/article-comment/5534-2012-07-25-14-14-24.html यशवंत ऐसे नहीं हैं कि धक्का दिया और टूट गए …और मेरी बात सच निकली.
Shravan Kumar Shukla sahi kaha srikant ji
Anil Singh great
Rajesh Vajpayee wakai sahi kah rahey hai,teh pustak wheelers may bhi india level par khoob bikeygi bhai,gar aisa such na ho tou mai phir kabhi bhavisywani nahi karoonga
Ravi Rawat bahut sahi kiya boss
Shailesh Bharatwasi Shravan Kumar Shukla जी, हम तो कब से चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि प्रीबुक कीजिए और डिलीवरी के समय मात्र रु 68 दीजिए 16 अगस्त तक 68 रुपइया तो जुगाड़ ही सकते हैं
Ashish Sagar Dixit 'जानेमन जेल' का समर्पण ' !
Anil Singh maine do book, book kar liye hain.
Rajeev Pratap Saini Raja bhaiya
Prince Singh बहुत अच्छा किया…
Irshad Ali thek hae.
Pankaj Kumar बहुत खूब ….
Prem Chand Gandhi वाह भाई क्या कहने इस समर्पण के…
Brahmaveer Singh achee dosti nibhai vinod se
Vivek Singh ये हुई बात
Nishant Kumar jail k kaidiyon k nam kr do. jaisa ki jawahar lal nehru ne kiya tha….
Suresh Chhandra Apka samarpan gazab ka hai.
Rahul Kumar Singh padha. achchha laga. socha. mere hi naam kar dete to achchha rahta. akhbar me naam type hi sahi naam to ho jaata.
Pramod Kaushik Main bhi yahi salah dena chahata tha Yashwant Bhai par direct naam likhkar kyon hiro bana rahe ho bhaduwon ko?
Nil Nishu Lagta h – Bahut prem karte hain Vinod Kapdi aur Sakshi Joshi se…
aakhir Samarpan Prem hi to hai….
Sanjay Kumar jatin dadh ko karo
Rima Prasad Yashwant ji dushmani nibhana to koi aapse sikhe
Rajesh Anand SHAHI CHUNA AAP NE…
Sanjeev Kumar mujhe to vinod kapdi jee ke kisi dost se he aapke bare me jankari mili…mijhe nahe lagta ki aapse unki koi jayada dosti nahe to dussmani bhi nahe hogi…main nahe kahoonga ki ye thik hai..
रहीसुद्दीन 'रिहान' Yashwant Singh भाई आपके स्टेटस की अभी तक शुरुआती 2 लाइनें ही पढ़ी थी मैंनें…पढ़कर 'जानेमन जेल' को समर्पित करने के लिये सबसे पहला नाम जो मेरे दिमाग ने सजेस्ट किया, वो था विनोद कापड़ी… स्टेटस के अंत में पहुंचा तो आपने मेरे दिमाग द्वारा सजेस्ट किये गए नाम को अमलीज़ामा पहना दिया। अंतिम लाइन को पढ़ते हुए महसूस हुआ..मानों जैसे मेरे दिल की बात वाया वायरलेस सेट यशवंत भाई के कान में पहुंच गई।
Ishwar Sharma वाकई…सटीक समर्पण. ये आप ही कर सकते हैं यशवंत भाई.
Adilur Rahman Azad ख़ूद को समर्पित कर देते तो कितना अच्छा रहता।
Yashwant Singh शुक्रिया साथियों… इतना अंदाज़ नहीं था, बिगड़ने पे तारीफें मिलेंगी, वरना जन्नत जाने का टिकट, यूं क्यों फाड़ के रखता…
Vijay Yadav bahut khub badhai ho….
Rajeev Sharma यशवंत जी, साहसी तो बहुत सुने हैं लेकिन शत्रुओं को समर्पित साहसी भी देख लिया…साधु…महा साधु…परम साधु … जय हो…!!
Sanjay Sharma मेरा नाम क्या बुरा था ?
Yashwant Singh Sanjay Sharma भाई, आप पर एक किताब लिखूंगा तो खुद आप कहेंगे कि मेरे पर नहीं.. चिड़िया दीदी पर कर दीजिए….
Sanjay Sharma यह तो सही कहा चिड़िया दीदी बहुत शैतान हो गई है ..लिखना सीख रही है ..दिन भर ड्राइंग बना बना कर मेरी सारी नोट बुक का कबाड़ा कर दिया है .
Yashwant Singh हा हा.. सही है सर. बच्चों को ऐसा ही होना चाहिए.. मेरी विशेज चिड़िया दीदी तक पहुंचा दीजिएगा… जल्द ही आउंगा उसे देखने… बहुत दिन हो गया..
Sanjay Sharma जी बिलकुल ..स्वागत .
Payal Chakravarty ये सुनकर कापड़ी जी गदगद हो जाएंगे…..
Kinjal Kumhar Yashwant Singh ji isse achchha samarpan ho hi nahi sakta tha…….! aur vishvaas maniye……..! is samarpan ko dekh ke sabse jyada mansik rassa kashi inhi dono ke man me chal rahi hogi. ki sala lagta hai narak me bhi picha nahi chodega…..!
Jha Nisha behtar…
Bhim Manohar rht sir
Ashit Tyagi wah kya kamal ki soch hai wakai
Vikas Kumar ha ha ha…nothing could have been better than this….
Avnendra Kamal yhee theek rahega ek prati mere ko bhee
Vikash Gupta bahut sahi…
भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.





