जौनपुर में कुछ रोज पहले पुलिस अधीक्षक की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दो कथित वरिष्ठ कहे जाने वाले पत्रकार आपस में ही भिड़ गए। शुरुआत हुई पुलिस के खिलाफ शिकायतनामा से, लेकिन जल्दी ही एक-दूसरे की मां-बहन को अनावश्यक तौर पर तोल डालने की कवायद शुरू कर दी गयी। एक-दूसरे ने एक-दूसरे का जान से मारने की धमकी दी और बाद में तो एक पत्रकार ने पुलिस लाइंस में ही दूसरे पत्रकार के खिलाफ गाढ़ा लगाने का ऐलान कर दिया। बोले- इस आदर-फादर को तो आज ही निपट लूंगा।
यह मामला हुआ यहां के पत्रकार अनिल पांडेय और नसीम फरीदी के बीच। मामला था डीआईजी के निरीक्षण के बाद पुलिस लाइंस में हुई प्रेस-ब्रीफिंग का। महिला एसपी हैप्पी गुप्तन महिला सीओ सिटी अलका भटनागर के साथ ही साथ एएसपी श्रीपत और एएसपी सुरेश्वर भी मौजूद थे। इस बैठक के शुरुआत में ही मामला भड़क गया। अफसर जब कुछ नहीं कर पाये तो वहां मौजूद कुछ पत्रकारों ने हस्तक्षेप कर मामला जैसे-तैसे निपटा दिया। दरअसल एक पत्रकार ने इस बात को लेकर बीच प्रेस कांफ्रेंस में ही बखेड़ा खड़ा कर दिया कि उस पर हुए हमले की शिकायत के बाद भी आजतक कोई भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले नसीम फरीदी पर एक अपराधी ने सरेआम हमला बोल दिया था, इसमें फरीदी को खासी चोटें आ गयी थीं। इस बारे में फरीदी ने एसपी को कई बार अर्जियां लगायीं और आज भी इसी प्रकरण को इस ब्रीफिंग को मुद्दा बनाने लगे। जब एसपी ने इस बात को दरकिनार करने की कोशिश की तो पत्रकार महोदय और भड़क गए और अपने पत्रकार साथियों को ही कोसने लगे। उन्होंने तो यहां तक कह डाला कि जौनपुर के पत्रकार सिर्फ बिसिकट और चाय के लिए एसपी की प्रेस कांफ्रेंस में मुंह उठाए चले आते हैं। लेकिन उनका असल मकसद केवल एसपी से लेकर दारोगा तक की दलाली करना ही होता है। ये बात वहां बैठे एक दूसरे पत्रकार को गहरे तक चोट कर गई।
उन्होंने चिल्ला-चिल्लाकर बखेड़ा कर रहे पत्रकार को मारने-पीटने की धमकी देनी शुरू कर दी। लगातार बढ़ रही इस चिल्लाहट में पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी का सारा का सारा पुलिसिया हथकंडा फेल हो रहा था कि इस झगड़े को कैसे सुलझाएं। क्योंकि ये कोई आम आदमी का झगड़ा नहीं बल्कि दो पत्रकारों के बीच का झगड़ा था। पूरा मामला आदर-फादर-मादर-शिष्टर तक पहुंच चुका था और सब मौन धारण किए इस झगड़े के खत्म होने का इंतजार करने लगे। आखिरकार इलेक्ट्रानिक मीडिया के कुछ पत्रकारों ने दोनो वरिष्ठों को हाथ पैर जोड़कर और पत्रकारिता की इज्जत की दुहाई देकर मामला शांत कराया।
वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर की रिपोर्ट.






