वाराणसी के मिर्जामुराद थानान्तर्गत रूपापुर में 2 अगस्त को शाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए कांवरियों का एक जत्था डीजे बजाते हुए पहुंचा. यहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया तथा डीजे बंद करा दिया. इसके बाद कांवरिया उत्पात मचाने लगे तथा दर्जनों वाहनों में तोड़ फोड़ कर आग लगा दिया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तथा मीडिया के लोग भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया. हद तो तब हो गयी जब पुलिस वाले ग्रामीणों को पीटने लगे तथा महिलाओं से अभद्रता करने लगे.
पुलिस द्वारा महिलाओं से किया जा रहा दुर्व्यवहार इलेक्ट्रोनिक मीडिया (जी न्यूज) के पत्रकार रामसुन्दर मिश्र (राजू) को नागवार लगी तो राजू ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार का विजुअल बनाना शुरू कर दिया. मौके पर पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे एसपीआरए प्रदीप गुप्ता की नजर अचानक घटना का कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों पर पड़ी तो वे उनसे उलझ गये. आरोप है कि उन्होंने मीडियाकर्मियों के संग र्दुव्यवहार किया. एक दरोगा ने तो एक प्रात:कालीन समाचार पत्र के क्षेत्रीय संवाददाता की लाठियों से पिटाई कर दी. इधर सीओ (भेलूपुर), सीओ चेतगंज तथा सीओ सदर ने जी मीडिया के स्ट्रिंगर रामसुंदर मिश्र (राजू) को पीटने के साथ उनका कैमरा तक छीन लिया. जख्मी रिपोर्टर को इलाज के लिए मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है.
इसके बाद कुछेक और फोटोग्राफरों को भी मारापीटा गया. वही पत्रकारों संग हुए इस अभद्रता के खिलाफ इंडिया न्यूज के रिपोर्टर संतोष ओझा के नेतृत्व में पत्रकारों का एक दल 3 अगस्त को वाराणसी के आईजी जीएल मीणा से मिला तथा पुलिस के खिलाफ शिकायत की। आईजी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने रामसुंदर मिश्र का कैमरा 3 अगस्त की शाम को लौटा दिया परन्तु कैमरे के अन्दर से कैसेट निकाल लिया ताकि पुलिस की काली करतूत लोगों के सामने न आने पाए.






