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डॉ. नामवर सिंह के हाथों मनोज भावुक के ग़ज़ल अल्बम का लोकार्पण

भोजपुरी शायर मनोज भावुक के भोजपुरी ग़ज़ल अल्बम ‘तस्वीर जिन्दगी के ’ का लोकार्पण नई दिल्ली के हिन्दी भवन में देश के प्रख्यात साहित्यकार व समालोचक डॉ. नामवर सिंह के हाथों हुआ। विदित हो कि टी सीरिज द्वारा रिलीज इस प्रथम भोजपुरी ग़ज़ल अल्बम में भावुक की आठ गजलों का समावेश है जिन्हें बॉलीवुड के युवा गायक व संगीतकार सरोज सुमन ने अपना स्वर दिया है । कॉन्सेप्ट प्रतिभा-जननी सेवा संस्थान के चेयरमैन मनोज सिंह राजपूत का है। वहीं संयोजन संस्था के नेशनल को-आर्डिनेटर आशुतोष कुमार सिंह का है।

भोजपुरी शायर मनोज भावुक के भोजपुरी ग़ज़ल अल्बम ‘तस्वीर जिन्दगी के ’ का लोकार्पण नई दिल्ली के हिन्दी भवन में देश के प्रख्यात साहित्यकार व समालोचक डॉ. नामवर सिंह के हाथों हुआ। विदित हो कि टी सीरिज द्वारा रिलीज इस प्रथम भोजपुरी ग़ज़ल अल्बम में भावुक की आठ गजलों का समावेश है जिन्हें बॉलीवुड के युवा गायक व संगीतकार सरोज सुमन ने अपना स्वर दिया है । कॉन्सेप्ट प्रतिभा-जननी सेवा संस्थान के चेयरमैन मनोज सिंह राजपूत का है। वहीं संयोजन संस्था के नेशनल को-आर्डिनेटर आशुतोष कुमार सिंह का है।

हिंदी भवन में अंतरराष्ट्रीय किसान परिषद द्वारा डॉ. नामवर सिंह के 88वें जन्मदिन पर आयोजित यह कार्यक्रम तीन सत्रों में संपन्न हुआ- पहला जन्मदिन समारोह, दूसरा ग़ज़ल अल्बम का विमोचन, तीसरा काव्य गोष्ठी। समारोह में डा. लक्ष्‍मी शंकर वाजपेयी (प्रसिद्ध ग़ज़लकार एवं आकाशवाणी, दिल्‍ली के केन्‍द्र निदेशक), आकाशवाणी के कवि राम अवतार व डा. हरी सिंह पाल, हिन्दी अकादमी के डा. चन्द्र सेन, एनटीपीसी के जीएम एन.एन.मिश्रा, मंजुली प्रकाशन के योगेश चन्द्र भार्गव, भीलवाड़ा के ओम तिवारी, मेरठ के ईश्वर चन्द्र गंभीर, देहरादून से डा. लक्ष्मी भट्ट, मेरठ के मनोज कुमार मनोज, बुलंदशहर के मुकेश निर्विकार, अलीगढ़ के गाफिल स्वामी, हापुड़ के सुनील हापुडिया, वंदना पुष्पेन्द्र, अल्हड बीकानेरी के सुपुत्र अशोक शर्मा आदि कवियों ने काव्य पाठ किया।

इस काव्य गोष्ठी में मनोज भावुक ने इस अल्बम की कई ग़ज़लें तरन्नुम में पेश की जिस पर आलोचक नामवर सिंह ने कहा भोजपुरी में तुम कमाल कर रहे हो। साथ ही यह भी कहा कि जब भी भाषा पर संकट आता है, हमें लोकभाषाओं की ओर देखना पड़ता है। मनोज भावुक लोकभाषा भोजपुरी के समर्थ और सफल कवि हैं। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार सुरेन्द्र सार्थक ने किया तथा आभार अंतरराष्ट्रीय किसान परिषद के अध्यक्ष डा० चंद्रमणि ब्रह्मदत्त ने व्यक्त किया।

प्रस्तुति – संध्या श्रीवास्तव

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