प्रतिदिन पहले पेज पर वूमन च्वॉइस और महिलाओं की तरफदारी करती खबरें प्रकाशित करने वाले दैनिक भास्कर के मैनेजमेंट और सिपहसालारों ने अपनी ही टीम की महिला कर्मियों को उपेक्षित कर दिया है। पुरुषों का जहां 2 से 5 हजार तक की वेतन वृद्धि की गई है, वहीं महिलाओं को ठेंगा दिखा दिया। मैनेजमेंट में अच्छा दखल रखने वाले वरिष्ठों ने तो खुद का इंक्रीमेंट कराने के साथ ग्रेड भी बढ़ा लिया।
संपादक और उनके खास लोगों को सेलरी में जमकर इजाफा किया गया। दूसरी ओर डेस्क से लेकर रिपोर्टिंग में जुटी पांच महिला साथियों में से एक दीपा का इंक्रीमेंट लगाया ही नहीं। वहीं रिपोर्टर जो इंक्रीमेंट लगाया था, उसे वापस ले लिया गया। बीते 12 साल से भास्कर को सेवाएं दे रहीं नीलम शर्मा किनारे किया जा रहा है। महिलाओं ने इस संबंध में वरिष्ठों से बात की तो जवाब मिला, जिससे कहना हो कहो, लेकिन कुछ नहीं हो सकता।
दैनिक भास्कर भोपाल कार्यालय में शनिवार को सुबह से शाम तक बैठक चलती रही। मीटिंग में भड़ास पर भास्कर के बारे में लगातार छप रही खबरों और मीडिया साथियों के साथ बरताव को लेकर बातें हुईं। बैठक में भड़ास4मीडिया देखने पर रोक लगाने की बात हुई। सभी रिपोर्टरों के साथ साथ निचले तबके के कर्मचारियों को भी भड़ास देखने से मना कर दिया गया है। इस फैसले के बाद भास्कर कार्यालय में रिपोर्टर, डेस्क और जूनियरों के कंप्यूटर पर भड़ास नहीं देखा जा सकेगा।
भोपाल से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





