Samar Anarya : भास्कर द्वारा मौत से लड़ रही जेएनयू की एक छात्रा के चरित्रहनन के मामले में युवा पत्रकार साथियों का न बोलना समझ आता है. उनको जिंदगी चलानी है, नौकरी बचानी है. पर कोई बताएगा कि आनंद प्रधान और Dilip C Mandal जैसे मीडिया विश्लेषक क्यों चुप हैं? ऐसा भी नहीं कि अखबारी वेबसाइटों का पोर्न पोर्टल में बदलते जाना इन्हें दिखा नहीं होगा, उदाहरण के लिए जेनयू वाली खबर के जिम्मेदार पोर्नकार विजय झा तो इनदोनो के शिष्य ही ठहरे दूसरे यह भी नहीं कि यह लोग किसी अज्ञातवास में हैं, आनंद प्रधान साहब किसी फोटोग्राफी कांटेस्ट में अपने किसी छात्र को जिताने के लिये धड़ाधड़ लाइक्स जुटाने में लगे हाँ और दिलीप मंडल अपने एजेंडे पर लगातार सक्रिय हैं. सो इस चुप्पी का राज? ई लोग भी मीडिया हाउसों से डरते हैं क्या भाई? या कोई और उपकार है जिसने इनकी जुबानों पर ताले डाल दिए हैं?
Siddharth Kalhans unka single point agenda hai
Samar Anarya दिलीप मंडल का हो भी तो आनंद प्रधान का तो सिंगल प्वाइंट एजेंडा नहीं है सिद्धार्थ भैया. उनकी चुप्पी का राज?
Indra Mani Upadhyay दिलीप मंडल वही न जो इंडिया टुडे में हैं/थे,
Indra Mani Upadhyay इंडिया टुडे का तो सेक्स विशेषांक आता है, वह तो इस प्रकार की पत्रकारिता का सीनियर है, प्रेरणा स्त्रोत है, इसलिए ऐसे महापुरुष कहाँ बोलेंगे।
Nitin Mishra बहुत कम upsc फेल पत्रकार साथी है, सो बोल रहे है बाकियो का तो आप जानते ही हैं कहा से निकले हैं
Samar Anarya Bhupen भाई छूट गए थे. सवाल उनसे भी है.
Mohammad Anas Anand Pradhan ko to bolna hi chahiye, baki dilip mandal se ummid zara bhi nhi. India Today k kai ank bhaskar.com k porn se jyada porn nikal chuke hain, so saathi ummid lagana bekar hai, jung hme hi ladni hogi.
Rais Ahmad Siddiqui जुल्म को न रोकना और जुल्म होते देख कर खामोश रह जाना ,दोनों बातें यह साबित करती हैं कि आप जालिम के साथ है|एक बात और कहना चाहूँगा किसी को मार मार कर सती नहीं किया जा सकता|
Meetu Mee Hum logo ne hi in logo ko aisa bana diya hai…hum chup rehte hai yei inki taqat hai…. aadat pad gyi hai hum sabko chup reh k tamaasha dekhne ki…ham kisi ko chup rehne na de to bolna to unke ache acho ko padega….par hum log majboor hai isliye hamari majboori unki chuppi…ek aap ya ikka dukka log ques karte rahenge to inke muh mei zubaan ni aayegi….hazaro zubaane khulengi tab jaakar inki zubaan se awaaz niklegi….
Girijesh Tiwari बिलकुल सही बात कही है. "जुल्म को न रोकना और जुल्म होते देख कर खामोश रह जाना ,दोनों बातें यह साबित करती हैं कि आप जालिम के साथ है|"See Translation
Syed Mohammad Altamash Jalal आनंद प्रधान सर अगये क्या वापिस अमेरिका सेSee Translation
Samar Anarya फेसबुक अमेरिका में भी खुलता है Altamash भाई.. आनंद प्रधान जी वहीँ से अपने किसी छात्र को कोई फोटोग्राफी काम्पटीशन जितवाने में फेसबुक पर दिलोजान से लगे हुए हैं.See Translation
Syed Mohammad Altamash Jalal उनका कोई पोस्ट मुझे शो नहीं हो रहा था मैंने सोचा शयेद अमेरिका जाने की वजह से फेसबुक नहीं उसे कर रहे है |See Translation
Maheshkumar Pandey दिलीप मंडल और आनंद प्रधान से वैचारिक असहमतियो के बावजूद ये दोनो मुझे सामाजिक सरोकार के लिए प्रतिब्द्ध पत्रकार लगते थे । लेकिन इस प्रकरण पर इनकी चुप्पी सचमुच समझ से परे है
Samar Anarya मुझे भी लगते हैं.. इसीलिए सवाल पूछा है भाई.
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारवादी समर अनार्या के फेसबुक वॉल से.






