लखनऊ। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का निलम्बन वापस लेने की मांग को लेकर रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पत्रकार सड़क पर उतर आए। हिन्दी पत्रकार एसोसिएशन के सदस्य हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले। लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान एसोसिएशन के सदस्यों और अधिकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। बाद में प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने दुर्गा का निलम्बन वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
इस मौके पर संगठन के प्रान्तीय संरक्षक शरद चन्द्र मिश्र ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के सत्तारूढ़ होने के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और लूट-खसोट अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि इस आपाधापी के बावजूद जो ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई कर उसे इनाम स्वरूप पद की बर्खास्तगी एवं निलम्बन दे दिया जाता है।
वरिष्ठ पत्रकार केशव पाण्डे ने कहा कि देश का चौथा स्तम्भ मीडिया ही देश को सुरक्षित बचाए रखने में संघर्षशील है, अन्यथा नेताओं एवं माफियाओं का गठजोड़ समाज के प्रति कर्मठ, समर्पित और ईमानदार अधिकारियों को या तो बर्खास्त करा देता है या फिर इस व्यवस्था में हत्या जैसे दूसरे अपराधों का जन्म होता है। प्रान्तीय अध्यक्ष सतीश चन्द्र मौर्य ने कहा कि अगर कर्तव्यनिष्ठ एवं समाज के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्पीड़न किया गया, तो हिन्दी पत्रकार एसोसिएशन जनान्दोलन खड़ा करेगा। (पर्दाफाश)





