देश के जाने माने दलित चिंतक और अंबेडकरवादी लेखक कंवल भारती को जमानत मिल गई. उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जमानत दे दी गई. फेसबुक पर लिखने के कारण गिरफ्तार किए गए कंवल भारती के प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है. लोग इस गिरफ्तारी के पीछे आजम खां का हाथ मान रहे हैं.
आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड किए जाने के प्रकरण पर कंवल भारती ने फेसबुक पर यूपी सरकार और इसके प्रमुख मंत्रियों की आलोचना की थी. इसी के बाद उन्हें आज सुबह गिरफ्तार कर रामपुर के सिविल लाइंस थाने में रखा गया था.
भड़ास4मीडिया पर कंवल भारती की खबर प्रकाशित होने के बाद लखनऊ के पत्रकार हरकत में आए और आनन-फानन में इस मामले की पुष्टि कर चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज चलाई गई. यूपी सरकार ने शुरू में गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की इसलिए कंवल भारती के डिटेंशन की खबर चैनलों पर चली. बाद में पुलिस ने जब उन्हें कोर्ट में पेश किया और उन्हें रिहा किया गया तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ.
पुलिस ने कंवल भारती को आज सुबह घर से उठाने के बाद किसी अज्ञात स्थान ले गई फिर उन्हें सिविल लाइंस थाने में रखा गया. उनसे किसी को मिलने नहीं दिया गया. कंवल भारती के एक परिचित ने जब उनकी गिरफ्तारी की खबर फेसबुक पर उनके वॉल पर डाली तब जाकर मामले के बारे में लोगों को पता चला. सबसे पहले भड़ास ने इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया और प्रकाशित किया, साथ ही लखनऊ के पत्रकारों को सूचना दी.
माना जा रहा है कि फेसबुक पर सरकार की आलोचना लिखने के कारण एक दलित चिंतक को गिरफ्तार किए जाने का यह मामला तूल पकड़ेगा. कई तरह के आरोपों से घिरी यूपी सरकार के लिए यह प्रकरण भी बवाल-ए-जान बनने वाला है. अभिव्यक्ति की आजादी को एक समाजवादी सरकार द्वारा इस तरह कुचलने की हर ओर निंदा हो रही है.
मूल खबर-
दलित चिंतक कंवल भारती को यूपी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया!





