Dilip C Mandal : कंवल भारती लगातार बसपा और कांशीराम की आलोचना में लिखते रहे. वे उत्तर प्रदेश सरकार में कार्यरत थे. लेकिन मायावती ने कभी उनके लिखे को खतरा नहीं माना और न ही उन पर कोई रोक लगाई. वहीं फेसबुक पर लिखे एक स्टेटस मात्र से समाजवादी पार्टी की सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
कम से कम इस मामले में तो यही दिखता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने में मायावती ने अखिलेश से बेहतर परफॉर्म किया है. कंवल भारती की गिरफ्तारी निदनीय है.
वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल के फेसबुक वॉल से.





