लखनऊ। रामपुर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि साहित्यकार कंवल भारती के फेसबुक पर टिप्पणी करने के मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि कंवल भारती को सरकार के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में मंगलवार गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया ।
एसपी ने इस मामले में मंगलवार देर रात मीडिया से कहा कि लेखक कंवल भारती की टिप्पणी गलत है। रामपुर में जो मदरसा तोड़ा गया, वह कब्रिस्तान की भूमि पर बना था। उसे आइएएस दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इस टिप्पणी से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचा है।
इस मामले में कांग्रेस विधायक काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा है कि लेखक कंवल भारती की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है। कहा कि जिस तरह कार्रवाई की गई है, वह लोकतांत्रिक नहीं कही जा सकती। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उधर, कंवल भारती ने कहा कि मैंने किसी धर्म, जाति या वर्ग के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। मेरे खिलाफ धार्मिक उन्माद भड़काने का मुकदमा दर्ज कराया गया। मुझे एक अपराधी की तरह पुलिस उठाकर लाई। लोकतंत्र में अगर आम इंसान अपनी बात नहीं कह सकता तो सरकार को चाहिए कि फेसबुक के खिलाफ या फिर आदमी के बोलने के खिलाफ भी कानून बना दे। मैं एक लेखक हूं। मेरी कलम बंद नहीं हो सकती।





