कंवल भारती की गिरफ्तारी की आज उत्तर प्रदेश पुलिस ने व्याख्या की है जिसमें कहा है कि कंवल भारती ने एक सज्जन के लिए कहा कि 'उनको रोकने की ताकत तो खुदा में भी नहीं है'… किसी चतुर्थ कक्षा के विद्यार्थी से भी अगर इसका मतलब पूछेंगे तो वो भी यही बताएगा कि इस पंक्ति का अर्थ है 'खुदा सर्वशक्तिमान है', किन्तु पुलिस कह रही है- ''इसका मतलब है कि भारती ने खुदा से भी ऊपर किसी को बताया इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई और मुकदमा लिखा गया''.
साधारण गाली गलौच तक के मामले पंजीकृत न करने वाली पुलिस इतनी तत्पर हो गई कि उसने शब्दार्थ ही बदल डाले. एक महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख यहाँ जरूरी है. दो दिन पूर्व इसी फेसबुक पर मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश की एक अत्यंत आपत्तिजनक फोटो मॉर्फ़ करके प्रदर्शित की गई थी, जिसकी जानकारी मेरे द्वारा सभी ऐसे लोगों को दी गई जो कार्यवाही करने में सक्षम थे. किन्तु कोई कार्यवाही करने के स्थान पर अगले दिन मुझे एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक ने उनको ऊपर से मिले निर्देश का हवाला देते हुए फ़ोन करके बताया कि चूँकि उक्त साईट का सर्वर विदेश में है, इसलिए कानूनी कार्यवाही करने में दिक्कत आती है.
मेरी समझ में नही आता कि सत्ताधारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दोनों की बेहूदगी से भरी फोटो और उस पर किये गए अभद्रतम कमेंट्स पर पुलिस कार्यवाही करने में अक्षम है और निरपराध को सजा दिलाने के लिए शब्दार्थ बदल कर भी कार्यवाही करने में सक्षम. इस पर तो बस यही कहा जा सकता है- पहले दाल में काला था, अब तो काली पूरी दाल है. फिर भी दुनिया जीम रही है, हमको यही मलाल है.
क्रान्ति किशोर मिश्र
ब्यूरो प्रमुख
सुदर्शन न्यूज़
लखनऊ (उ०प्र०)





