बाराबंकी। संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से बाराबंकी आये कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी के सामने ही बेनी और पुनिया समर्थकों में तू-तू, मैं-मैं के बाद जूतम-पैजार हुई, कुर्सियां चली, पुलिस आई तब अराजक स्थिति को संभला जा सका। अचम्भित कांग्रेस सचिव ने प्रेस से कहा कि अनुशासन के साथ खिलवाड़ करने वाले पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को जांच के बाद दण्डित किया जायेगा।
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर मजबूत संगठन बनाने की सोच के साथ आज यहां लखपेड़ाबाग स्थित मैरिज लान में कांग्रेस की बैठक आयोजित थी। जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव व प्रदेश जोन प्रभारी प्रकाश जोशी, प्रदेश कोआडीनेटर वीरेन्द्र चौधरी के साथ यहां आये हुए थे। कांग्रेसियों के मुताबिक कुछ लोग भीड़ रोकने के नाम पर केवल एक पक्ष के लोगों को ही जोन प्रभारी के सामने जाने दे रहे थे बल्कि दूसरे पक्ष के लोगों को उनके पास जाने से रोक रहे थे।
इसी बीच इस मामले के लेकर दो गुटों के लोगों के बीच वाद विवाद होने लगा। देखते ही देखते दोनो एक दूसरे को दल का दुश्मन व अपने को दल का शहीद कर दर्जा देने लगे। इसी बीच एक पक्ष के एक व्यक्ति ने एक कार्यकर्ता को थप्पड़ रसीद कर दिया। खैर बीच बचाव की कोशिशे हुई, वर्मा जैसे कांग्रेसी इस दौरान भी भीड़ को काबू करने में जुटे रहे। जबकि कांग्रेस नेता सैयद अरशद अहमद ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किये। इसके साथ ही उनसे भी वर्मा एण्ड कम्पनी के लोगों से भिड़ंत हो गयी। हाथ कॉलर तक पहुंचे तो जवाबी कार्यवाही भी हुई।
एकाएक कांग्रेस की बैठक में थप्पड़, मुक्का, जूतम-पैजार, गाली-गलौज के साथ ही कुर्सी महाभारत का दृश्य सामने आ गया। एक दूसरे पर काफी देर तक कुर्सी हमला होता रहा। दो दर्जन से ज्यादा कुर्सियां इस दौरान शहीद हो गयी। जबकि कई कांग्रेसी इसकी चपेट में आकर चोटिल हो गये। कांग्रेस संगठन का अनुशासन यहां तार-तार हो गया। जिस समय यह ढिशुम-ढिशुम हो रही थी उस समय जोन प्रभारी व दल के सचिव इससे अंजान बने एक कमरे में बैठे संगठन की मजबूती का प्रवचन दे रहे थे।
तत्काल इसकी सूचना पुलिस फोर्स को दी गयी जिसके बाद पहुंचने पर बवाली कांग्रेसी इधर से उधर हुए। इस दौरान एक गुट ने आरोप लगाया है कि यह बवाल सांसद के समर्थकों ने किया तो दूसरे ओर दूसरे गुट के लोगों ने जवाब में कहा कि यह बवाल साजिश के तहत किया गया और स्वयं ही बाहरी लोगों को बुलाकर झगड़ा फसाद करवाकर संगठन को बदनाम करने का काम दूसरे गुट के लोगों ने किया।
फिलहाल किसने क्या किया यह तो जांच का विषय है लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले गाली-गलौज और कुर्सियां चलाने वाले कांग्रेसी लोकसभा चुनाव से पहले भी कुर्सी व गाली महाभारत को अंजाम देने से न चूके। जिसकी आज शहर के सियासतदानों में चटकारे लेकर चर्चा होती रही। सूत्रों के मुताबिक कई कांग्रेसी अपनी बात कहने के लिए जोशी को घेरने में जुटे थे।
इधर बीच जिलाध्यक्ष फवाद किदवई उन्हें लेकर एक कमरे में चले गये और वहीं पर शुरू हुआ कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से एकान्त वार्ता का सिलसिला। जबकि कमरे के दरवाजे पर लग गये कांग्रेस नेता शिवशंकर वर्मा व मोल्हे रावत। इसी बीच संगठन पदाधिकारी बनाये जाने को लेकर 51 पदों पर नामों की सहमति की प्रक्रिया को साकार रूप दिये जाने की कवायद भी प्रारम्भ रही। यहां जिलाध्यक्ष व केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा तथा कांग्रेस सांसद पीएल पुनिया के समर्थक भी जमे हुए थे।
उधर दूसरी तरफ जोन प्रभारी प्रकाश जोशी कुर्सी महाभारत से काफी आहत नाराज दिखे लेकिन वे इस बात पर अडिग दिखाई दिये कि चंद लोगें के इस तरह के बवाल करने से संगठन का काम नहीं रोका जा सकता। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ अपनी बैठक को अंजाम भी दिया। खबर मिली है कि उन्होंने यह भी हिदायत दी है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाये जो अनेकता में नहीं बल्कि एकता में विश्वास रखते हों। उन्होंने कुछ पदाधिकारियें से एकान्त वार्ता भी फिलहाल उसका ब्यौरा नहीं मिल पाया है।
बाराबंकी से रिजवान मुस्तफा की रिपोर्ट.





